नवा रायपुर के अरण्य भवन में विजेता विद्यार्थियों का सम्मान | शॉर्ट फिल्म और निबंध प्रतियोगिताओं में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

कला और रचनात्मक गतिविधियों से वन्यजीव संरक्षण का संदेश
रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित वन्यजीव सप्ताह का समापन गुरुवार को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन के दंडकारण्य सभागार में हुआ। इस अवसर पर कला और ज्ञान आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और रायपुर वनमंडल ने कलिंगा विश्वविद्यालय के हरित समूह तथा प्राणीशास्त्र विभाग के सहयोग से 2 से 8 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया। इस वर्ष की थीम ‘जुड़ते प्राकृतिक आवास, फलते-फूलते वन्यजीव’ रही।
समापन समारोह में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सप्ताहभर चलीं प्रकृति आधारित गतिविधियां
वन्यजीव सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों ने कागज की आकृतियां और घोंसलों के प्रतिरूप बनाने, बीजगोलक (सीड बॉल) निर्माण, वन्यजीव छायाचित्रण और प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता में इन विद्यार्थियों ने मारी बाजी
शॉर्ट फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता में कलिंगा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शीर्ष तीन स्थान हासिल किए।
- प्रथम: देवेश मिंज
- द्वितीय: सिद्धांत नागपुरे
- तृतीय: वर्षा साहू
निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का प्रदर्शन
निबंध प्रतियोगिता में केंद्रीय विद्यालय की श्रेया साहू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उपरवारा की शैल्या साहू दूसरे और पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय माना कैंप के आकाश दास तीसरे स्थान पर रहे।
वहीं, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय माना कैंप की हेमा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गनोद की दीपिका साहू को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता
वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित प्रतियोगिताओं और प्रकृति आधारित गतिविधियों ने विद्यार्थियों को रचनात्मक माध्यमों से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का अवसर दिया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा जैव विविधता के संरक्षण में उनकी भूमिका को समझाना रहा।
