विशेष अदालत में ईडी ने लगाई अर्जी | जांच एजेंसी का दावा—नए वित्तीय साक्ष्यों और मनी ट्रेल की कड़ियां जोड़ने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी
रिमांड पर पूछताछ की अनुमति चाहती है ईडी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनसे हिरासत में पूछताछ करने के लिए रायपुर की विशेष अदालत से रिमांड की अनुमति मांगी है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में कथित अवैध वसूली से जुटाई गई रकम को अलग-अलग खातों और माध्यमों से प्रवाहित करने में अग्रवाल की अहम भूमिका रही। ईडी ने अदालत में कहा है कि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को समझने के लिए उनसे विस्तार से पूछताछ जरूरी है। ये आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं, जिनका न्यायिक परीक्षण होना बाकी है।
डिजिटल साक्ष्यों और मनी ट्रेल की जांच

ईडी के अनुसार, पहले गिरफ्तार किए गए आरोपितों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और जब्त दस्तावेजों के आधार पर जांच में कुछ नए तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी हाल के वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल की कड़ियों को जोड़ना चाहती है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि कथित सिंडिकेट के जरिए अवैध वसूली की गई और फर्जी होलोग्राम के इस्तेमाल से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इन मामलों में अग्रवाल की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है।
जुलाई में किया था आत्मसमर्पण
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) के कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
11 अगस्त को ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार कर सात दिन तक पूछताछ की थी। हाल ही में विशेष अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अग्रवाल ने राहत के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है।
जेल में ईडी की दो सदस्यीय टीम कर रही पूछताछ
रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत की अनुमति के बाद रायपुर जेल में बंद अग्रवाल से ईडी की दो सदस्यीय टीम पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कोल लेवी और कथित शराब घोटाले से जुड़े तथ्यों पर जानकारी जुटाई जा रही है।
इधर, ईओडब्ल्यू ने कोल घोटाले के मामले में अदालत में छठा पूरक आरोपपत्र पेश किया था, जिसमें रामगोपाल अग्रवाल को भी आरोपित बनाया गया है।
अब मामले में विशेष अदालत से ईडी को रिमांड पर पूछताछ की अनुमति मिलने और हाई कोर्ट में लंबित याचिका पर होने वाली कार्यवाही पर नजर है।
