सहारनपुर में सैनी समाज की सामाजिक-राजनीतिक संगोष्ठी के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री ने उठाया राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा, भाजपा से चार सीटों में से किसी एक पर टिकट देने की मांग की

सहारनपुर में सैनी समाज की सामाजिक-राजनीतिक संगोष्ठी के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी ने समाज को राजनीतिक भागीदारी नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों पर सैनी समाज की उपेक्षा करने की बात कही। साथ ही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
भाजपा को वोट बैंक समझने की सोच छोड़नी होगी: साहब सिंह सैनी
मीडिया से बातचीत में साहब सिंह सैनी ने कहा कि उनका समाज दूसरे समाजों की तुलना में 25 से 30 साल पीछे है। उन्होंने समाज के लोगों से राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सैनी, मौर्य, कुशवाहा और शाक्य समुदायों की संयुक्त आबादी पर्याप्त है, लेकिन उन्हें जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी नहीं मिल रही है।
साहब सिंह सैनी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन समुदायों को अपना स्थायी वोट बैंक मान लिया है। उन्होंने कहा कि अब समाज इस सोच को स्वीकार नहीं करेगा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूती से उठाएगा।
2027 में चुनाव लड़ने का ऐलान, भाजपा से मांगा टिकट
वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर साहब सिंह सैनी ने कहा कि वह भाजपा से टिकट मांग रहे हैं और चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व के सामने चार विधानसभा सीटों के विकल्प रखे हैं।
उनके मुताबिक, भाजपा इनमें से किसी भी सीट से टिकट दे सकती है। यदि पार्टी टिकट नहीं देती है, तो वह समाज के लोगों से विचार-विमर्श कर आगे का निर्णय लेंगे।
धर्म सिंह सैनी की ओर से भी टिकट मांगने से जुड़े सवाल पर साहब सिंह सैनी ने अपनी सामाजिक सक्रियता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिले में सैनी समाज से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने लगातार संघर्ष किया है।
पश्चिमी यूपी की 65 से 70 सीटों पर प्रभाव का दावा
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सैनी समाज करीब 65 से 70 विधानसभा सीटों पर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि समाज को केंद्र और संसद में भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
उन्होंने संभल का उदाहरण देते हुए राजनीतिक दलों की टिकट वितरण नीति पर सवाल उठाए और कहा कि सैनी समाज को भी उसकी संख्या के अनुसार अवसर मिलना चाहिए।
संगोष्ठी का उद्देश्य समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक करना
साहब सिंह सैनी के अनुसार, संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज के लोगों को उनकी राजनीतिक स्थिति और प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर जागरूक करना था। उन्होंने कहा कि समाज को अपनी मांगों को संगठित होकर उठाना चाहिए।
उनके बयान के बाद उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक भागीदारी और टिकट वितरण को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, भाजपा की ओर से साहब सिंह सैनी की मांग और आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया इस खबर के लिए उपलब्ध नहीं है।
