स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से अस्पताल, डायलिसिस केंद्र और जांच सुविधाओं का विस्तार; सेवा संकल्प अभियान के तहत 4,573 लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

रायपुर, 15 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, आधुनिक अस्पताल, डायलिसिस केंद्र और जांच प्रयोगशालाओं सहित कई पहल की गई हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों और राज्य शासन की योजनाओं के तहत शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भी चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मनेन्द्रगढ़ में 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज का प्रवेश सत्र शुरू होने, 220 बिस्तरीय अस्पताल के अस्थायी संचालन और चिरमिरी जिला अस्पताल में आधुनिक सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को विस्तार मिला है।
मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत
मनेन्द्रगढ़ में 50 सीटों वाले मेडिकल कॉलेज का प्रवेश सत्र प्रारंभ होना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलेंगे। साथ ही भविष्य में चिकित्सकीय प्रशिक्षण, स्वास्थ्य अनुसंधान और विशेषज्ञ सेवाओं के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
220 बिस्तरीय अस्पताल और चिरमिरी जिला अस्पताल का विस्तार
मनेन्द्रगढ़ में 220 बिस्तरीय अस्पताल का अस्थायी संचालन शुरू किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है।
वहीं, चिरमिरी में जिला अस्पताल का अस्थायी संचालन प्रारंभ हो चुका है और नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। इसके पूरा होने पर अस्पताल की सुविधाओं को अधिक व्यवस्थित रूप देने में मदद मिलने की संभावना है।
चिरमिरी में 8 करोड़ रुपये की सीटी स्कैन सुविधा
चिरमिरी जिला अस्पताल में लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन और कक्ष की सुविधा शुरू की गई है। सीटी स्कैन दुर्घटनाओं, सिर की चोट और कई जटिल बीमारियों की जांच में उपयोगी होता है।
स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों की यात्रा करने की जरूरत कम हो सकती है। इससे समय और यात्रा पर होने वाले खर्च में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी में डायलिसिस केंद्र व अटल आरोग्य लैब
जिले में मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी दोनों स्थानों पर डायलिसिस केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इससे किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित उपचार के लिए स्थानीय विकल्प उपलब्ध हुए हैं।
इसके अलावा दोनों स्थानों पर अटल आरोग्य लैब का संचालन शुरू किया गया है। ब्लड कलेक्शन की व्यवस्था के विस्तार से मरीजों को आवश्यक जांच कराने में सुविधा मिल रही है। समय पर जांच उपलब्ध होने से चिकित्सकों को उपचार संबंधी निर्णय लेने में भी सहायता मिल सकती है।
जनकपुर, खड़गवां और जरौंधा में बढ़ेंगी सुविधाएं
ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए जनकपुर स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू किया गया है। इससे भरतपुर विकासखंड और आसपास के गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
खड़गवां में स्वास्थ्य भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। खड़गवां विकासखंड के जरौंधा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत की गई है, जबकि कोरिया कॉलरी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अस्थायी संचालन किया जा रहा है।
खड़गवां में 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित है। इसके क्रियान्वयन से भविष्य में क्षेत्र की अस्पताल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने की संभावना है।
चिरमिरी में डॉक्टर कॉलोनी और फिजियोथेरेपी कक्ष का निर्माण
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवासीय व्यवस्था विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। चिरमिरी में डॉक्टर कॉलोनी और ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य जारी है।
इसके साथ ही चिरमिरी में फिजियोथेरेपी कक्ष का निर्माण प्रगति पर है। सुविधा शुरू होने के बाद हड्डियों और जोड़ों की समस्याओं, मांसपेशियों में दर्द तथा चोट के बाद पुनर्वास की जरूरत वाले मरीजों को स्थानीय स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
सेवा संकल्प अभियान में 4,573 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण
जिले में स्वास्थ्य योजनाओं और सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए सशक्त MCB सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत चिरमिरी के मंगल भवन, पोड़ी में दो दिवसीय मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किया गया।
इस शिविर में कुल 4,573 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। पहले दिन 2,608 और दूसरे दिन 1,965 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
पहले दिन 556 लोगों की रक्त जांच की गई, 1,676 हितग्राहियों को निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं और 140 नए आयुष्मान कार्ड बनाए गए। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, रोगों की स्क्रीनिंग, जांच और दवा वितरण जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर जोर
जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत संचालित संस्थानों के साथ निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज, अस्पतालों, सीटी स्कैन, डायलिसिस केंद्रों, अटल आरोग्य लैब और ग्रामीण स्वास्थ्य संस्थानों का विस्तार जिले के लोगों को अपने क्षेत्र में जांच और उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूरा होने और प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन से आने वाले समय में स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
