ओड़िशा में सक्रिय कंपनी नंबर 8 से जुड़े कैडरों समेत छह माओवादियों ने छोड़ा संगठन, टेकलगुड़ा हमले और सुरक्षा कैंपों पर हमलों में शामिल रहे कुछ कैडर
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादी संगठन से जुड़े छह कैडरों के आत्मसमर्पण की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में दो महिला कैडर भी शामिल हैं, जिन पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। अन्य कैडरों पर भी अलग-अलग राशि के इनाम थे। पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादी ओड़िशा में सक्रिय संगठनात्मक नेटवर्क और विभिन्न एरिया कमेटियों से जुड़े रहे हैं।
ओड़िशा में सक्रिय कंपनी नंबर 8 से जुड़ी थीं महिला कैडर
बीजापुर पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय रानी सोढ़ी और 28 वर्षीय पांडो पोडियम ओड़िशा क्षेत्र में सक्रिय कंपनी नंबर 8 की पीपीसीएम सदस्य थीं। दोनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, रानी सोढ़ी वर्ष 2012 में नाबालिग रहते संगठन में शामिल हुई थी। वह महाराष्ट्र और ओड़िशा में कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रही। अप्रैल 2018 में ओड़िशा में मतदान दल पर हुए हमले में भी उसकी भूमिका बताई गई है। इस घटना में दो पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। इस वर्ष जनवरी में ओड़िशा के कोनारी जंगल में मुठभेड़ के दौरान रानी के घायल होने की जानकारी भी पुलिस ने दी है।
वहीं, पांडो पोडियम वर्ष 2015 में संगठन से जुड़ी थी और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की सशस्त्र शाखा में सक्रिय रही।
शीर्ष माओवादी नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी
पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय सुक्कू कुड़ियम उर्फ संतोष पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह वर्ष 2015 में संगठन में शामिल हुआ और वर्ष 2018 में उसे ओड़िशा भेजा गया था। वहां उसे शीर्ष माओवादी नेताओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
30 वर्षीय कोसा माड़वी भी कई बड़ी हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस ने उसे वर्ष 2006 में एनएमडीसी के सीआईएसएफ कैंप, वर्ष 2016 में चेरली सीआरपीएफ कैंप और वर्ष 2024 में टेकलगुड़ा सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमलों से जुड़ा बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, कोसा माड़वी ने इसी वर्ष जनवरी में संगठन छोड़ दिया था।
टेकलगुड़ा हमले से भी जुड़ा रहा कैडर
आत्मसमर्पण करने वालों में दो लाख रुपये का इनामी 22 वर्षीय देवे माड़कम भी शामिल बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसने नवंबर 2022 से जून 2025 के बीच माओवादी कमांडर जगदीश इरपा उर्फ रमन्ना के सुरक्षा गार्ड के रूप में काम किया था।
वहीं, एक लाख रुपये का इनामी 25 वर्षीय लल्लू ताती गंगालूर एरिया कमेटी का सदस्य था। पुलिस के मुताबिक, वह बचपन से संगठन से जुड़ा था और बाद में बटालियन नंबर 1 तथा पीएलजीए का हिस्सा रहा। उस पर अप्रैल 2021 के टेकलगुड़ा हमले और वर्ष 2022 में एलमागुंडा तथा सन्नापुर सुरक्षा कैंपों पर हुए हमलों में शामिल होने का आरोप है।
पुनर्वास नीति के तहत सुविधाएं देने की बात
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत पात्रतानुसार शासकीय लाभ और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण का उद्देश्य संगठन छोड़ने वालों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
