रायगढ़। रायगढ़ पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दो दिवसीय जनजागरूकता प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और स्कूली विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यशाला में आधुनिक पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी गई।

🔴 Highlight Lines
🔴 रायगढ़ में दो दिवसीय नवीन आपराधिक कानून प्रदर्शनी का शुभारंभ
🔴 पुलिस अधिकारियों को आधुनिक पुलिसिंग और नए कानूनों का प्रशिक्षण
🔴 स्कूली बच्चों ने साइबर, महिला और यातायात सुरक्षा की ली जानकारी
🔴 4 जुलाई को आयोजित होगा ‘पुलिस जन संवाद’ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। पहले सत्र में DGPs/IGPs कॉन्फ्रेंस-2025 की सिफारिशों के अनुरूप आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर कार्यशाला आयोजित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने AI, CCTNS, ICJS, NATGRID, डेटा एनालिटिक्स, साइबर अपराध नियंत्रण और ट्रस्ट-बेस्ड पुलिसिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया।

दूसरे सत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य त्वरित न्याय, डिजिटल पुलिसिंग, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में शामिल स्कूली बच्चों ने कानून, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात सुरक्षा से जुड़े स्टॉलों का भ्रमण किया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बच्चों से संवाद कर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से उनकी कानूनी जानकारी बढ़ाई और नए कानूनों के महत्व को सरल भाषा में समझाया।
