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🔴 पहली बारिश में रेलवे ओवरब्रिज की सड़क पर पड़ी लंबी दरारें
🔴 बरगा ओवरब्रिज की एप्रोच रोड दो हिस्सों में बंटी
🔴 स्थानीय लोगों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल
🔴 जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग
राजनांदगांव। राजनांदगांव रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गया है। जिले के ग्राम आलीवारा, मुसरा और बरगा में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बने नए रेलवे ओवरब्रिज की सड़कें बारिश के बाद उखड़ने लगी हैं। कई जगहों पर लंबी और गहरी दरारें पड़ गई हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि जून माह में इन रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन किया गया था, लेकिन दो दिनों की बारिश के बाद ही सड़कें फटने लगीं। सबसे खराब स्थिति बरगा रेलवे ओवरब्रिज की रही, जहां लगभग 100 मीटर तक एप्रोच रोड दो हिस्सों में बंट गई। सड़क के बीच करीब दो फीट गहरी और पांच से छह इंच चौड़ी दरारें बन गईं।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। रेलवे के इंजीनियर और निर्माण कंपनी के अधिकारी भी निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान दरारों को कंक्रीट से भरने का काम शुरू किया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए पहले गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की।
स्थानीय निवासी चतुर राम यादव ने कहा कि पुल निर्माण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी इंजीनियर, ठेकेदार तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं निर्माण कंपनी के डायरेक्टर राजेंद्र सिंह घाई ने कहा कि लगातार बारिश के कारण मिट्टी के सेटल होने और पानी के रिसाव की वजह से यह स्थिति बनी हो सकती है। उन्होंने बताया कि वास्तविक कारणों का पता ब्रिज डिजाइन करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चल सकेगा।
