मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026 को मंजूरी दे दी गई। यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित औद्योगिकीकरण, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

Highlight
🔴 कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ CBG नीति 2026 को दी मंजूरी
🔴 कृषि अवशेष, गोबर और जैविक अपशिष्ट से बनेगी स्वच्छ ऊर्जा
🔴 राज्य में 1.65 लाख मीट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावना
🔴 किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
🔴 जैविक खाद से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता होगी कम
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कृषि अवशेष, पैडी स्ट्रॉ, पशु गोबर, नगरीय ठोस अपशिष्ट, प्रेसमड, गन्ना अवशेष और ऊर्जा फसलों से प्रतिवर्ष लगभग 1.65 लाख मीट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की संभावना है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नीति किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर लेकर आएगी। कृषि एवं जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग से किसानों की आय बढ़ेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे। सीबीजी संयंत्रों से मिलने वाली जैविक खाद प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करेगी।
