नई दिल्ली। कोयला खदानों से निकलने वाला पानी अब बेकार नहीं जाएगा, बल्कि लोगों की प्यास बुझाएगा। कोल इंडिया लिमिटेड ने ‘कोल नीर’ परियोजना के तहत खदानों के माइन वाटर को शुद्ध कर बोतलबंद पेयजल के रूप में उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

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🔴खदान का पानी अब बनेगा पीने का पानी
🔴’कोल नीर’ ब्रांड से मिलेगा शुद्ध पेयजल
🔴20 लीटर पानी की कीमत होगी सिर्फ 5 रुपये
🔴आरओ तकनीक से शुद्ध होगा माइन वाटर
🔴चार कोल कंपनियों में लगाए गए बॉटलिंग प्लांट
अधिकारियों के अनुसार, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की 46 खदानों में करीब 1,280 लाख घनमीटर माइन वाटर उपलब्ध है। अब इस पानी को अत्याधुनिक आरओ और वॉटर ट्रीटमेंट तकनीक से शुद्ध कर ‘कोल नीर’ ब्रांड के नाम से बाजार में उतारा जाएगा।
योजना के तहत 20 लीटर की पानी की बोतल सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आम लोगों को कम कीमत पर सुरक्षित पेयजल मिल सके।
इस परियोजना के लिए बीसीसीएल, सीसीएल, एसईसीएल और एमसीएल समेत कोल इंडिया की चार प्रमुख कंपनियों में माइन वाटर बॉटलिंग प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और खदान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सस्ता एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
