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NHAI के नए दिशा-निर्देशों में हाई-स्पीड कॉरिडोर की डिजाइन, लेन व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर मानकीकरण पर जोर

नई दिल्ली। देश में हाई-स्पीड नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे के निर्माण को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका उद्देश्य हाई-स्पीड कॉरिडोर की डिजाइन और निर्माण में एकरूपता लाने के साथ यातायात के दबाव के अनुसार सड़क की क्षमता तय करना है।
ट्रैफिक के हिसाब से तय होगी हाईवे की चौड़ाई
नए मानकों के अनुसार हाई-स्पीड कॉरिडोर की लेन व्यवस्था और चौड़ाई को दैनिक यातायात के आधार पर निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है।
- 15 हजार वाहनों तक: 4-लेन कॉरिडोर के लिए करीब 60 मीटर चौड़ाई।
- 15 से 25 हजार वाहन: 4-लेन हाईवे के 6-लेन स्ट्रक्चर के लिए करीब 70 मीटर।
- 25 से 40 हजार वाहन: 6-लेन कॉरिडोर के लिए करीब 70 मीटर।
ये प्रावधान नए ग्रीनफील्ड और मौजूदा मार्गों के विस्तार वाले ब्राउनफील्ड हाई-स्पीड प्रोजेक्ट्स की DPR तैयार करने में तकनीकी मानकों को एकरूप बनाने के उद्देश्य से बताए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
हाई-स्पीड कॉरिडोर में अनधिकृत प्रवेश को रोकने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए बाहरी किनारों पर सुरक्षा व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य पैदल यात्रियों और आवारा मवेशियों के अचानक मुख्य मार्ग पर पहुंचने जैसी स्थितियों को कम करना है।
इसके अलावा प्रमुख सड़कों के क्रॉसिंग और महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी वाले स्थानों पर रैंप वाले इंटरचेंज विकसित करने पर जोर दिया गया है।
बंदरगाह और औद्योगिक क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी
हाई-स्पीड कॉरिडोर को बंदरगाहों, हवाई अड्डों, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख पर्यटन स्थलों से बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना पर भी जोर दिया गया है।
इससे माल ढुलाई और यात्री यातायात के लिए कनेक्टिविटी बेहतर करने का लक्ष्य है।
ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड दोनों परियोजनाओं पर असर
नए मानकों का इस्तेमाल भविष्य में तैयार होने वाली विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में किया जाएगा। इससे अलग-अलग परियोजनाओं में सड़क की क्षमता, लेन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े डिजाइन मानकों में अधिक समानता लाने में मदद मिल सकती है।
NHAI अपनी वेबसाइट पर हाईवे निर्माण से जुड़े विभिन्न मैनुअल और तकनीकी दिशा-निर्देश भी उपलब्ध कराता है।
विकसित भारत 2047 से जुड़ा दीर्घकालिक लक्ष्य
हाई-स्पीड कॉरिडोर के विस्तार को देश में बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आवागमन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रा समय और माल ढुलाई की दक्षता में सुधार लाने का लक्ष्य है।
