जगदलपुर। बस्तर का प्रसिद्ध गोंचा महापर्व आज जगदलपुर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में देवस्नान और चंदन जात्रा पूजा-विधान के साथ विधिवत शुरू हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र का पंचामृत, चंदन और इंद्रावती नदी के पवित्र जल से महाभिषेक किया गया।

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🔴देवस्नान के साथ शुरू हुआ बस्तर गोंचा महापर्व
🔴भगवान जगन्नाथ का हुआ पंचामृत और चंदन से महाभिषेक
🔴14 जुलाई तक श्रद्धालुओं को नहीं होंगे दर्शन
🔴अनसर काल में रहेंगे भगवान जगन्नाथ
🔴25 जुलाई को एकादशी पर होगा गोंचा महापर्व का समापन
देवस्नान के साथ ही भगवान अनसर काल में प्रवेश कर गए हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में भगवान विश्राम करते हैं। इसलिए 14 जुलाई तक श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन नहीं होंगे।
मंदिर समिति के अनुसार अनसर काल के बाद भगवान के दर्शन फिर से शुरू होंगे और 25 जुलाई को एकादशी के अवसर पर बस्तर का ऐतिहासिक गोंचा महापर्व पारंपरिक धार्मिक आयोजनों के साथ संपन्न होगा।
हर वर्ष इस महापर्व में बस्तर सहित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह पर्व बस्तर की धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
