बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक के हरिगवां गांव की महिला सरपंच मनबसिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंच पर उपसरपंच और भाजपा नेता मंशाराम साहू द्वारा माला पहनाने के बाद उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

महिला सरपंच के अनुसार यह घटना करीब एक साल पुरानी है। तब से उन्हें और उनके पति देवेंद्र खैरबार को समाज के किसी भी सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जा रहा है।
समाज में जयमाला को लेकर है परंपरा
देवेंद्र खैरबार ने बताया कि समाज में यह मान्यता है कि जयमाला केवल पति ही पहनाता है। सार्वजनिक मंच पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा माला पहनाना समाज में अनुचित माना गया।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में महिला सरपंच की कोई गलती नहीं थी। इसके बावजूद परिवार को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।
मनबसिया ने बताया कि समाज में दोबारा शामिल होने के लिए सामाजिक दंड का प्रावधान है। इसके तहत बकरा-भात कराने सहित अन्य शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। उनका कहना है कि इस कारण पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप
महिला सरपंच ने भाजपा नेता मंशाराम साहू पर पंचायत के विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि मुरमीकरण, नाली निर्माण और अन्य विकास कार्यों को रुकवाया जा रहा है। संबंधित फाइलों को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है।
सरपंच का आरोप है कि काम शुरू कराने के नाम पर उनसे पैसों की मांग की जा रही है। विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी जा रहा है।
उनका कहना है कि इन परिस्थितियों के कारण पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस कर रही शिकायत की जांच
महिला सरपंच ने मामले की लिखित शिकायत रघुनाथनगर थाने में की है। शिकायत की प्रतियां बलरामपुर एसपी और सरगुजा आईजी को भी भेजी गई हैं।
थाना प्रभारी धीरेंद्र तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है।
प्रशासन देगा समझाइश
वाड्रफनगर एसडीएम नीरनिधि नन्देहा ने कहा कि मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। इस संबंध में एसडीओपी से चर्चा की गई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की ओर से समाज के लोगों को समझाइश दी जाएगी। किसी भी व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार करना उचित नहीं है।
