Highlight Lines
🔴 कोरिया तिहरे हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी गई
🔴 कई हाई प्रोफाइल मामलों का फैसला अब तक लंबित
🔴 CGPSC, महादेव एप समेत कई मामलों की जांच जारी
🔴 नए CBI केस पर फिर बढ़ीं लोगों की उम्मीदें
रायपुर। छत्तीसगढ़ CBI जांच एक बार फिर चर्चा में है। कोरिया जिले के चर्चित तिहरे हत्याकांड की जांच CBI को सौंपे जाने के बाद राज्य में छत्तीसगढ़ CBI जांच के पुराने मामलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। राज्य गठन के बाद कई हाई प्रोफाइल आपराधिक, भ्रष्टाचार और राजनीतिक मामलों की जांच CBI को सौंपी गई, लेकिन अधिकांश मामलों का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अब तक सामने नहीं आ सका है।

छत्तीसगढ़ CBI जांच के तहत सबसे पहले ब्लैक सी जाली नोट प्रकरण और रामअवतार जग्गी हत्याकांड की जांच हुई। इसके बाद कलर डॉपलर घोटाला, झीरम कांड, ताड़मेटला-मोरपल्ली आगजनी, अश्लील सीडी कांड, पत्रकार सुशील पाठक और उमेश राजपूत हत्याकांड सहित कई संवेदनशील मामलों की जांच भी CBI को सौंपी गई।
वर्ष 2024 में सामान्य सहमति बहाल होने के बाद छत्तीसगढ़ CBI जांच के दायरे में CGPSC भर्ती घोटाला, महादेव ऑनलाइन सट्टा एप, बिरनपुर हिंसा और दिव्यांग कल्याण फंड गबन जैसे बड़े मामले भी शामिल हुए। इनमें CGPSC मामले में कई गिरफ्तारियां और आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं, जबकि महादेव एप सहित अन्य मामलों की जांच अभी जारी है।
अब कोरिया के नौगई तिहरे हत्याकांड की छत्तीसगढ़ CBI जांच शुरू होने जा रही है। इस मामले में पुलिस सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब CBI निष्पक्ष और व्यापक जांच करेगी, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
