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🔴 छत्तीसगढ़ में चरणबद्ध तरीके से बनेंगे 1460 गौधाम
🔴 पहले चरण में 151 गौधामों को मिली प्रशासनिक स्वीकृति
🔴 42 गौधामों में 5109 से अधिक पशुधन का संरक्षण
🔴 हर विकासखंड में 10 उत्कृष्ट गौठानों के चयन का लक्ष्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार बेसहारा मवेशियों के संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से गौधाम योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है। इस योजना के तहत प्रदेशभर में 1460 गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां निराश्रित और घूमंतू पशुओं को सुरक्षित आश्रय, देखभाल और संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।

पहले चरण में 151 गौधामों को मंजूरी
पशु चिकित्सा सेवाओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौधाम योजना के तहत प्राप्त 408 आवेदनों में से 151 गौधामों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर पशुओं के संरक्षण का कार्य शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में राष्ट्रीय राजमार्गों के पास स्थित और आवश्यक अधोसंरचना वाले गौठानों को प्राथमिकता दी गई है।
42 गौधामों में 5109 पशुधन संरक्षित
वर्तमान में 88 गौधामों का पंजीयन पूरा हो चुका है, जिनमें से 42 गौधामों में करीब 5109 बेसहारा पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। योजना के तहत शासकीय भूमि पर बने गौठानों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, ट्रस्ट, एफपीओ और अन्य संस्थाओं के माध्यम से किया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों को मिलेगी प्राथमिकता
राज्य सरकार ने गौधाम संचालन के नियमों में संशोधन करते हुए ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही शहरी गौठानों को भी योजना में शामिल किया गया है, जिससे पशुधन संरक्षण का दायरा और बढ़ेगा।
हर विकासखंड में 10 उत्कृष्ट गौठान विकसित होंगे
छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग की परिकल्पना के अनुसार, प्रत्येक विकासखंड में 10 उत्कृष्ट गौठानों का चयन कर पूरे प्रदेश में 1460 गौधामों की स्थापना की जाएगी। जिलों से लगातार नए आवेदन प्राप्त हो रहे हैं और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
