नकली पुलिस बनकर बुजुर्ग को बीच रास्ते में रोका
🔴 कोरबा के निहारिका इलाके में बाइक सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया
🔴 गांजा रखने की सूचना देकर रिटायर्ड बालको कर्मचारी को डराया
🔴 सोने की चेन और अंगूठी लेकर असली जेवर की जगह थमाए नकली गहने
🔴 घर पहुंचने पर पीड़ित को ठगी का पता चला
🔴 पुलिस CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों की तलाश में जुटी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले गिरोह ने एक रिटायर्ड बालको कर्मचारी को अपना शिकार बनाया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निहारिका इलाके का है, जहां बाइक सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर बुजुर्ग को बीच रास्ते में रोक लिया।
खरमोरा निवासी पीड़ित समीर चट्टोपाध्याय निहारिका से नारियल पानी पीकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए दो युवकों ने उन्हें रोक लिया और कहा कि उनके पास गांजा होने की सूचना मिली है।

डराकर कागज पर करवाए हस्ताक्षर
पुलिस के नाम पर डराने के बाद आरोपियों ने बुजुर्ग से एक कागज पर हस्ताक्षर करवाने शुरू कर दिए। इसी दौरान आरोप है कि एक आरोपी ने बुजुर्ग के गले से सोने की चेन और हाथ से अंगूठी निकाल ली।
इसके बाद आरोपियों ने असली गहनों को एक पन्नी में रखने का दिखावा किया और मौका पाकर पन्नी बदल दी। बुजुर्ग को असली सोने के गहनों की जगह नकली रोड गोल्ड के जेवर थमा दिए गए।
समीर चट्टोपाध्याय को रास्ते में इसकी भनक तक नहीं लगी और उन्हें लगा कि उनके गहने सुरक्षित रख दिए गए हैं।
घर पहुंचने पर खुला ठगी का राज
घर पहुंचकर जब बुजुर्ग ने अपना बैग खोला तो उनके होश उड़ गए। पन्नी में असली सोने के गहनों की जगह नकली जेवर मिले। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
शिकायत मिलते ही सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों की तलाश
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मुताबिक दोनों आरोपी बाइक से आए थे। पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों की पहचान और उनकी बाइक का नंबर पता करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।
