दो मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों के विलय की योजना, मंजूरी मिली तो नागपुर में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी

बिलासपुर, 23 अगस्त 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर से इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। प्रस्ताव के तहत वर्तमान में चल रही बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर और इंदौर-नागपुर-इंदौर वंदे भारत एक्सप्रेस को आपस में जोड़कर बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर सीधी सेवा के रूप में चलाने की योजना है।
यदि रेलवे बोर्ड से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को नागपुर स्टेशन पर ट्रेन बदलने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
दो वंदे भारत ट्रेनों को जोड़ने का प्रस्ताव
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने ट्रेन संख्या 20825/20826 बिलासपुर-नागपुर-बिलासपुर वंदे भारत और ट्रेन संख्या 20911/20912 इंदौर-नागपुर-इंदौर वंदे भारत को मिलाकर सीधी सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
बिलासपुर और इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसी मांग को देखते हुए रेलवे जोन ने दोनों सेवाओं को जोड़ने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के सामने रखा है।
सप्ताह में छह दिन चलेगी सीधी वंदे भारत
प्रस्ताव के मुताबिक, दोनों ट्रेनों के विलय के बाद बिलासपुर और इंदौर के बीच सप्ताह में छह दिन सीधी वंदे भारत सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। शनिवार को सेवा नहीं होगी।
प्रस्तावित संचालन के अनुसार:
- 20825/20826 वंदे भारत बिलासपुर से रविवार, मंगलवार और गुरुवार को चलेगी।
- यही ट्रेन इंदौर से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी।
- 20911/20912 वंदे भारत इंदौर से मंगलवार, गुरुवार और रविवार को चलेगी।
- यही ट्रेन बिलासपुर से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी।
इस तरह दोनों ट्रेनों को मिलाकर सप्ताह में छह दिन बिलासपुर-इंदौर के बीच सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है।
नागपुर में ट्रेन बदलने की परेशानी होगी खत्म
वर्तमान व्यवस्था में बिलासपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को नागपुर तक चलने वाली वंदे भारत और इंदौर-नागपुर वंदे भारत के बीच कनेक्टिविटी पर निर्भर रहना पड़ता है।
प्रस्ताव लागू होने के बाद यात्रियों को बिलासपुर से सीधे इंदौर तक सफर करने की सुविधा मिल सकती है। इससे नागपुर स्टेशन पर ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
ट्रेनों के ठहराव रहेंगे यथावत
रेलवे के प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों ट्रेनों के विलय के बाद उनके मौजूदा ठहराव यथावत रखे जाएंगे।
खास बात यह है कि प्रस्तावित व्यवस्था के लिए अतिरिक्त रैक की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, अभी यह केवल रेलवे का प्रस्ताव है। अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही होगा।
नागपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म होल्डिंग घटाने की तैयारी
प्रस्ताव से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ रेलवे को परिचालन स्तर पर भी फायदा होने की उम्मीद है।
रेलवे के अनुमान के मुताबिक, दोनों ट्रेनों के संचालन को बेहतर तरीके से समायोजित करने पर नागपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म होल्डिंग का समय कम किया जा सकेगा। इससे स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
कुछ ट्रेनों के परिचालन में होगा बदलाव
प्रस्तावित वंदे भारत सेवा के संचालन को रास्ता देने के लिए कुछ अन्य ट्रेनों के परिचालन में मामूली बदलाव का भी उल्लेख किया गया है।
इसके तहत ट्रेन संख्या 22816 एर्नाकुलम-बिलासपुर एक्सप्रेस और 22620 तिरुनेलवेली-बिलासपुर एक्सप्रेस को भंडारारोड स्टेशन पर करीब 10 मिनट तक रोका जा सकता है।
इसी तरह 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस को गंगाझरी रेलवे स्टेशन पर करीब 10 मिनट डिटेन किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों के परिचालन में भी मामूली असर पड़ सकता है।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद तय होगी तारीख
फिलहाल बिलासपुर-इंदौर सीधी वंदे भारत सेवा को लेकर रेलवे बोर्ड के पास प्रस्ताव भेजा गया है। सेवा कब से शुरू होगी और अंतिम समय-सारणी क्या होगी, यह रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो बिलासपुर और इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत कनेक्टिविटी शुरू होने से दोनों शहरों के यात्रियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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