छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल को गवाहों के साथ साक्ष्य दर्ज कराने के दिए निर्देश

बिलासपुर, 20 अगस्त 2026। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दुर्ग लोकसभा चुनाव से जुड़ी भाजपा सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका में अब सुनवाई निर्णायक चरण की ओर बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल को अपने गवाहों के साथ उपस्थित होकर साक्ष्य दर्ज कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को होगी।
जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की अदालत में मंगलवार को चुनाव याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के 7 अगस्त 2026 के आदेश की प्रति हाई कोर्ट के समक्ष पेश की।
सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी खारिज होने के बाद आगे बढ़ी सुनवाई
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को बताया गया कि भूपेश बघेल की ओर से दायर एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त को खारिज कर दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें यह स्वतंत्रता दी है कि उचित चरण पर चुनाव अधिकरण के समक्ष वे अपने सभी तर्क और आपत्तियां उठा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में लंबित चुनाव याचिका की सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अब मामले में साक्ष्य दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी।
चुनाव याचिका में पहले ही तय हो चुके हैं मुद्दे
हाई कोर्ट के अनुसार चुनाव याचिका में सुनवाई के लिए मुद्दे पहले ही तय किए जा चुके हैं। चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल के अलावा सौरभ चौबे, मनोज कुमार वर्मा और भगवत सिन्हा के मुख्य परीक्षण के शपथपत्र भी 20 अक्टूबर 2024 को दाखिल किए जा चुके हैं।
अब अदालत इन गवाहों के साक्ष्य को रिकॉर्ड करेगी। इसके लिए चुनाव याचिकाकर्ता को निर्धारित तारीख पर अपने गवाहों के साथ उपस्थित होना होगा।
10 सितंबर को गवाहों के साथ पेश होंगे विजय बघेल
सुनवाई के दौरान चुनाव याचिकाकर्ता की ओर से साक्ष्य दर्ज कराने के लिए मामले को 10 सितंबर को सूचीबद्ध करने का आग्रह किया गया। अदालत ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए 10 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।
हाई कोर्ट ने विजय बघेल को निर्देश दिया है कि उस दिन वे अपने गवाहों को साक्ष्य दर्ज कराने के लिए अदालत के समक्ष पेश करें।
चुनाव याचिका में अब आगे क्या होगा?
विजय बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दुर्ग लोकसभा चुनाव से संबंधित चुनाव याचिका दायर की है। मामले में मुद्दे पहले ही तय हो चुके हैं और गवाहों के मुख्य परीक्षण के शपथपत्र भी रिकॉर्ड पर हैं।
अब अदालत में गवाहों के साक्ष्य दर्ज होने के बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसएलपी खारिज किए जाने के बाद भूपेश बघेल को उचित चरण पर चुनाव अधिकरण के समक्ष अपने तर्क और आपत्तियां रखने की स्वतंत्रता दी गई है।
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