अम्बिकापुर के सपना गांव में जी-राम-जी योजना से बनी डबरी बनी किसान जयलाल के लिए बहुउपयोगी साधन, 50-60 डिसमिल में सब्जी की खेती के साथ शुरू किया मछली पालन

अम्बिकापुर। ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण और आजीविका के साधनों को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों का असर अब गांवों में दिखाई देने लगा है। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत निर्मित आजीविका डबरी किसानों के लिए सिंचाई के साथ अतिरिक्त आय का साधन भी बन रही है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सपना निवासी किसान जयलाल के लिए ऐसी ही आजीविका डबरी खेती और मछली पालन का सहारा बनी है।
बारिश का पानी जमा, सिंचाई की परेशानी हुई दूर
किसान जयलाल ने बताया कि जी-राम-जी योजना के तहत उनके लिए आजीविका डबरी का निर्माण कराया गया। बारिश के मौसम में डबरी में पानी जमा हो जाता है, जो लंबे समय तक उपलब्ध रहता है।
पहले खेती के लिए पानी की व्यवस्था करना उनके सामने बड़ी समस्या थी। डबरी बनने के बाद खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने लगा है। वे डबरी में संग्रहित पानी का इस्तेमाल अपनी सब्जी की फसल की सिंचाई के लिए कर रहे हैं।
खेती के साथ शुरू किया मछली पालन
जयलाल ने बताया कि डबरी का उपयोग केवल सिंचाई के लिए ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि उन्होंने इसमें मछली पालन भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही करीब 50 से 60 डिसमिल भूमि में सब्जी की खेती कर रहे हैं।
इस तरह एक ही डबरी उनके लिए पानी के संरक्षण के साथ-साथ खेती और अतिरिक्त आजीविका का साधन बन गई है। सिंचाई की सुविधा मिलने से खेती करना आसान हुआ है और मछली पालन के माध्यम से अतिरिक्त आय की संभावना भी बनी है।
किसान बोले- अब खेती करने में आसानी हो रही
जयलाल ने बताया कि पहले खेती-बाड़ी के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर काफी परेशानी होती थी। बरसात का पानी अब डबरी में संग्रहित हो जाता है और जरूरत पड़ने पर इसी पानी से खेतों की सिंचाई की जाती है।
उन्होंने कहा कि डबरी बनने के बाद खेती करने में काफी आसानी हुई है। खेती के साथ मछली पालन शुरू करने से उनकी आजीविका को भी अतिरिक्त सहारा मिला है।
किसान ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “डबरी बनने से सिंचाई की सुविधा हो गई है। खेती-बाड़ी करने में अब कोई परेशानी नहीं हो रही है।”
पानी का संरक्षण, आजीविका का विस्तार
आजीविका डबरी ग्रामीण परिवारों के लिए केवल जल संग्रहण का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह खेती और अतिरिक्त आय के अवसरों का आधार भी बन रही है। सपना गांव के किसान जयलाल इसका उदाहरण हैं, जिन्होंने डबरी के पानी का उपयोग सिंचाई के साथ मछली पालन के लिए भी किया है।
वर्षा जल के संरक्षण से जहां खेती के लिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है, वहीं डबरी में मछली पालन से आय का एक अतिरिक्त जरिया विकसित हो रहा है। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी आजीविका मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
आजीविका डबरी के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार
किसान जयलाल ने आजीविका डबरी निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डबरी से उन्हें खेती के लिए सिंचाई की सुविधा मिली है और इसी पानी के सहारे वे खेती-बाड़ी के साथ मछली पालन भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस सुविधा से उनके लिए खेती करना आसान हुआ है और आजीविका के नए अवसर भी मिले हैं। किसान ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो रही हैं।




