स्वच्छता पखवाड़ा के तहत विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, साबुन से हाथ धोने की सही विधि के साथ सुरक्षित पेयजल और पानी बचाने की दी जानकारी

सूरजपुर। स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सूरजपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में हाथ धुलाई दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को नियमित रूप से हाथ धोने, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने, स्वच्छ शौचालय रखने और विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा रखने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को समझाया गया कि स्वच्छता केवल किसी अभियान या विशेष दिवस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है। विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को सिखाई गई हाथ धोने की सही विधि
इसी क्रम में शासकीय माध्यमिक शाला पतरापाली में प्रार्थना सभा के दौरान हाथ धुलाई दिवस का आयोजन किया गया। शिक्षिका ने विद्यार्थियों को साबुन से हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन कराते हुए हाथ धुलाई के विभिन्न चरणों का अभ्यास कराया।
बच्चों को बताया गया कि भोजन करने से पहले और बाद में, शौचालय का उपयोग करने के बाद तथा गंदगी के संपर्क में आने पर साबुन से हाथ अच्छी तरह धोना चाहिए। शिक्षकों ने बताया कि नियमित रूप से हाथ धोने की आदत संक्रमण और कई बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। बच्चों को सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने, स्वच्छ शौचालय रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को समझाया कि आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने के साथ-साथ स्वयं की साफ-सफाई पर ध्यान देना भी स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है।
हर बूंद कीमती, पानी बचाने का दिया संदेश
हाथ धुलाई दिवस के दौरान विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया। बच्चों को बताया गया कि हाथ धोते समय नल को अनावश्यक रूप से खुला नहीं छोड़ना चाहिए और जरूरत के अनुसार ही पानी का इस्तेमाल करना चाहिए।
विद्यार्थियों को पानी की प्रत्येक बूंद के महत्व को समझाते हुए घर और विद्यालय दोनों जगह जल संरक्षण की आदत अपनाने का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि पानी बचाने की छोटी-छोटी आदतें भविष्य में जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
स्वच्छता को दैनिक आदत बनाने की अपील
शिक्षकों ने विद्यार्थियों से कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या अभियान तक सीमित रहने वाली गतिविधि नहीं है। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित हाथ धुलाई, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ विद्यालय परिसर और जल संरक्षण को दैनिक व्यवहार में शामिल करना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने स्वच्छता, नियमित हाथ धुलाई, स्वच्छ वातावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रधानपाठक, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




