“संकल्प: साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर प्रतियोगिता, 3 से 6 मिनट की फिल्म के लिए ₹1 लाख प्रथम पुरस्कार; मोबाइल से बनाई फिल्म भी होगी स्वीकार

रायगढ़, 10 सितंबर। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों, खासकर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए एक अनोखी जन-जागरूकता पहल शुरू की है। पुलिस ने “साइबर जागृति अभियान” के तहत साइबर अपराध जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता की घोषणा की है।
इस प्रतियोगिता की थीम “संकल्प: साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” रखी गई है। खास बात यह है कि प्रतियोगिता में फिल्मकारों के साथ विद्यार्थी, युवा, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक भी हिस्सा ले सकेंगे। मोबाइल फोन से बनाई गई फिल्मों को भी स्वीकार किया जाएगा।
₹1 लाख तक का पुरस्कार जीतने का मौका
प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में आयोजित किया जाएगा। पहली श्रेणी में 3 मिनट से अधिक और अधिकतम 6 मिनट की फिल्म बनाई जा सकती है।
इस श्रेणी में पुरस्कार इस प्रकार हैं—
- प्रथम पुरस्कार — ₹1,00,000
- द्वितीय पुरस्कार — ₹75,000
- तृतीय पुरस्कार — ₹50,000
वहीं दूसरी श्रेणी में 1 से 3 मिनट तक की फिल्म या रील बनाई जा सकती है।
इस श्रेणी के पुरस्कार—
- प्रथम पुरस्कार — ₹75,000
- द्वितीय पुरस्कार — ₹50,000
- तृतीय पुरस्कार — ₹25,000
इस तरह प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के पास साइबर सुरक्षा पर रचनात्मक फिल्म बनाकर पुरस्कार और पहचान हासिल करने का बड़ा मौका है।
किन साइबर अपराधों पर बनाई जा सकती है फिल्म?
प्रतिभागी हिंदी, इंग्लिश या छत्तीसगढ़ी भाषा में साइबर अथवा डिजिटल अपराधों पर फिल्म बना सकते हैं। प्रतियोगिता के लिए कई महत्वपूर्ण विषय निर्धारित किए गए हैं।
इनमें डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस या CBI अधिकारी बनकर ठगी, OTP-UPI फ्रॉड, QR कोड और बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, फर्जी SMS और कॉल, APK फाइल से ठगी, स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस एप, SIM स्वैप, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, साइबर बुलिंग, सेक्सटॉर्शन, ब्लैकमेल, डीपफेक, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग स्कैम जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा फर्जी नौकरी, वर्क फ्रॉम होम और टास्क फ्रॉड, लोन एप घोटाला, ई-कॉमर्स और कस्टमर केयर ठगी, महिलाओं एवं बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, डेटा चोरी, रैनसमवेयर, फेक न्यूज, डिजिटल प्राइवेसी और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषयों पर भी फिल्म बनाई जा सकती है।
सिर्फ अपराध दिखाना पर्याप्त नहीं
रायगढ़ पुलिस के अनुसार प्रतिभागियों को केवल साइबर अपराध की घटना दिखाने तक सीमित नहीं रहना है। फिल्म में यह भी बताया जाना चाहिए कि ठगी के चेतावनी संकेत क्या हैं, इससे कैसे बचा जा सकता है और साइबर अपराध होने पर सुरक्षित तरीके से रिपोर्ट कैसे की जाए।
यानी फिल्म के जरिए दर्शकों तक ऐसा संदेश पहुंचाने पर जोर रहेगा, जिससे वे वास्तविक जीवन में साइबर ठगी से खुद को बचा सकें।
SSP शशि मोहन सिंह ने बताई अभियान की जरूरत
प्रेसवार्ता में रायगढ़ के SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि डिजिटल लेन-देन और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों के भय, लालच, विश्वास, जल्दबाजी और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में केवल अपराध होने के बाद पुलिस कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। नागरिकों को पहले से सतर्क, जागरूक और डिजिटल रूप से जिम्मेदार बनाना भी जरूरी है।
इसे भी पढ़े…..
आज का राशिफल 10 सितंबर 2026: आज खुल सकता है किस्मत का दरवाजा, इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ!
कृपया मेरे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब करे : धन्यवाद…
युवाओं और फिल्मकारों को रचनात्मकता दिखाने का मौका
लघु फिल्म प्रतियोगिता के जरिए रायगढ़ पुलिस ने फिल्मकारों, विद्यार्थियों, युवाओं, कंटेंट क्रिएटर्स, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा का संदेश रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया है।
अभियान में रोटरी क्लब-रायगढ़ और अन्य संस्थानों का सहयोग रहेगा, जबकि प्रतियोगिता का प्रबंधन Take 3 Studios द्वारा किया जाएगा।
24 सितंबर तक जमा करनी होगी प्रविष्टि
प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फिल्म की प्रविष्टि जमा करनी होगी।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| थीम | संकल्प: साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़ |
| अंतिम तिथि | 24 सितंबर 2026 |
| परिणाम | 27 सितंबर 2026 |
| परिणाम स्थल | ऑडिटोरियम, रायगढ़ |
| भाषा | हिंदी, इंग्लिश, छत्तीसगढ़ी |
| फिल्म | मौलिक होनी चाहिए |
फिल्म सीधे आवेदन फॉर्म में अपलोड नहीं करनी होगी। प्रतिभागी फिल्म को Google Drive या किसी अन्य विश्वसनीय फाइल-होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर उसका सक्रिय और सार्वजनिक रूप से देखने योग्य लिंक जमा कर सकेंगे।
फिल्म मौलिक होना जरूरी
प्रतियोगिता में शामिल होने वाली फिल्म मौलिक होनी चाहिए। फिल्म में इस्तेमाल किए गए संगीत, दृश्य, चित्र और अन्य सामग्री के आवश्यक अधिकार प्रतिभागी के पास होना जरूरी है।
संवेदनशील मामलों पर फिल्म बनाते समय पीड़ित की पहचान और निजी जानकारी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा। निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम और मान्य होगा।
चयनित फिल्मों का इस्तेमाल रायगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराध जागरूकता और सोशल मीडिया प्रचार के लिए किया जा सकता है।
कहां मिलेगी जानकारी?
प्रतियोगिता में भाग लेने और विस्तृत जानकारी के लिए filmotsav.org पर संपर्क किया जा सकता है।
संपर्क नंबर: 8817420420
ईमेल: contact@filmotsav.org
रायगढ़ पुलिस ने प्रदेश और जिले के युवाओं, विद्यार्थियों, फिल्मकारों, कंटेंट क्रिएटर्स तथा जागरूक नागरिकों से इस अभियान में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
पुलिस का संदेश है कि एक छोटी सी फिल्म किसी नागरिक को बड़ी आर्थिक या मानसिक क्षति से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिल्म बनाएं। जागरूकता फैलाएं। बदलाव लाएं।
इसे भी पढ़े…..
- जशपुर में 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा की

- जशपुर के युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर चमकने का मौका, 25 सितंबर तक क्विज में भाग लेने का अवसर

- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’, मंत्री टंक राम वर्मा ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश

- रायगढ़ में 14 सितंबर से सजेगा कला का महासंगम, 10 दिनों तक चक्रधर समारोह में देशभर के कलाकारों की प्रस्तुति

- कवर्धा ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा ने लिया जायजा, नए स्थान पर बनी सहमति की दिशा में चर्चा

Most Viewed Posts
- छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग संस्थानों की मान्यता रद्द, रायपुर के 15 कॉलेज शामिल
- लेबर क्वार्टर हादसे में कंपनी मालिकों पर एफआईआर, महिला मजदूर की मौत के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 49.50 लाख की चिटफंड ठगी मामले में दो फरार आरोपी गिरफ्तार
- सहकारिता सप्ताह का समापन, किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी
- छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रमोशन, 61 SI बने इंस्पेक्टर
