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मोबाइल दुकान में चोरी के बाद दो बैंकों में चोरी की कोशिश का मामला, पांचों आरोपियों को 2-2 साल की सजा; ₹26.47 लाख की संपत्ति हुई थी बरामद
रायगढ़, 11 सितंबर। नवीन आपराधिक कानूनों में त्वरित न्याय और समयबद्ध विवेचना पर जोर दिए जाने का असर रायगढ़ जिले के घरघोड़ा में सामने आया है। मोबाइल दुकान में चोरी और इसके बाद बैंकों में चोरी की कोशिश करने वाले पांच आरोपियों को अपराध दर्ज होने के करीब चार महीने के भीतर ही न्यायालय से सजा मिली है।
घरघोड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दामोदर प्रसाद चंद्रा की अदालत ने 8 सितंबर 2026 को मामले में सभी पांच आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास और 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यनारायण प्रकाश महिलाने ने प्रभावी पैरवी की।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में हुई सटीक विवेचना


पूरे मामले की विवेचना घरघोड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विवेचनाधिकारी प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक ने की।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि घटनास्थल, CCTV फुटेज, आरोपियों की मौके पर मौजूदगी, चोरी की संपत्ति और घटना में इस्तेमाल वाहनों समेत महत्वपूर्ण साक्ष्यों को एकत्र किया।
पुलिस के अनुसार, सभी गवाहों के समयबद्ध बयान कराए गए और साक्ष्यों को व्यवस्थित करते हुए 23 मई 2026 को न्यायालय में चार्जशीट पेश की गई। इसके बाद न्यायालयीन प्रक्रिया आगे बढ़ी और 8 सितंबर को पांचों आरोपियों को दोषसिद्ध कर दिया गया।
मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर 83 मोबाइल किए थे पार
मामला 17 फरवरी 2026 को सामने आया था। ग्राम कुडुमकेला निवासी भोजपाल साव ने घरघोड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि सड़कपारा मेन रोड, कुडुमकेला स्थित उनकी साव कम्प्यूटर एंड मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर चोरी की गई है।
दुकान से 43 नए मोबाइल, 40 पुराने मोबाइल, 11 ब्लूटुथ स्पीकर, 3 ब्लूटुथ हेडफोन, दस्तावेजों से भरा बैग और करीब 3 हजार रुपये नकद चोरी किए गए थे।
इस मामले में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत धारा 305(ए), 331(4) BNS में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
चोरी के बाद बैंकों को बनाया निशाना
पुलिस की विवेचना के मुताबिक, पांचों आरोपियों ने रात करीब 1 से 1:30 बजे कुडुमकेला की मोबाइल दुकान का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी का सामान कार में भरकर घरघोड़ा-लैलूंगा मार्ग पर ग्राम मुस्कुरा के पास जंगल में छिपाया गया था।
इसके बाद आरोपियों ने बैंक में चोरी की योजना बनाई।
15 मार्च 2026 की रात खम्हार स्थित ग्रामीण बैंक में चोरी का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी सफल नहीं हो सके। पुलिस के अनुसार, साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपी बैंक का CCTV सिस्टम निकालकर अपने साथ ले गए।
इसके अगले दिन 16 मार्च की रात पटेलपाली स्थित पंजाब नेशनल बैंक में चोरी का प्रयास किया गया। पुलिस के पहुंचने के बाद आरोपी बैंक का वॉल्ट नहीं तोड़ सके और वहां से भी CCTV सिस्टम लेकर फरार हो गए।
₹26.47 लाख से ज्यादा की संपत्ति बरामद
घरघोड़ा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल मारुति सियाज कार CG-17-KN-2212 और महिंद्रा XUV-500 CG-04-KZ-5674 बरामद की।
इसके अलावा आरोपियों से 60 नए और पुराने मोबाइल तथा एक एयरपॉड्स बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद संपत्ति की कुल कीमत 26 लाख 47 हजार 100 रुपये है।
मामले में आपराधिक षड्यंत्र और संगठित तरीके से अपराध किए जाने के आधार पर BNS की धारा 112(2), 61(2) और 3(5) भी जोड़ी गई।
मजबूत साक्ष्य और समय पर चार्जशीट से मिली सजा
पुलिस ने CCTV फुटेज, आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी, चोरी की संपत्ति की बरामदगी और घटना में इस्तेमाल वाहनों सहित अन्य साक्ष्यों को न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की ओर से कई बार जमानत आवेदन भी लगाए गए, जिन्हें न्यायालय ने निरस्त किया। समयबद्ध विवेचना, मजबूत साक्ष्य और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप चार्जशीट पेश होने के करीब साढ़े तीन महीने के भीतर न्यायालय ने मामले में फैसला सुना दिया।
न्यायालय से दंडित किए गए पांच आरोपी
- मोह. अरसलान, उम्र 19 वर्ष, निवासी सारथी नगर पत्थलगांव, जिला जशपुर।
- करण महंत, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बांसाझार, थाना छाल, जिला रायगढ़।
- अलतमस खान, उम्र 19 वर्ष, निवासी बिलाईटांगर पत्थलगांव, जिला जशपुर।
- जॉनसन बेक, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम बोटराकछार, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर।
- कवलेश यादव, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम बरिमा, मेनपाट, थाना कमलेश्वरपुर, जिला सरगुजा।
पुलिस के अनुसार सभी पांच आरोपियों को धारा 305(ए), 331(4) और संगठित अपराध से संबंधित धारा 112(2) BNS के तहत दोषसिद्ध करते हुए दो-दो वर्ष के कारावास और 100-100 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
SSP के निर्देशन में पुलिस टीम की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और धरमजयगढ़ SDOP सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक ने विवेचना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में उद्देश्य केवल आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं था, बल्कि न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक साक्ष्यों को समय पर और मजबूत तरीके से प्रस्तुत करना भी था।
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