गांधी नगर स्वास्थ्य केंद्र में महापौर जीवर्धन चौहान ने किया शुभारंभ, 1.19 लाख बच्चों को आयरन सिरप पिलाने का लक्ष्य

रायगढ़, 18 अगस्त 2026। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और रोगों से बचाव के उद्देश्य से रायगढ़ जिले में शिशु संरक्षण माह का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांधी नगर में आयोजित कार्यक्रम में महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस अवसर पर सभापति श्री डिग्री लाल साहू सहित जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन दीदियां और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
बच्चों को समय पर विटामिन-ए और आयरन देने की अपील
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि शिशु संरक्षण माह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि पात्र बच्चों को निर्धारित समय पर विटामिन-ए की खुराक और आयरन सिरप जरूर पिलाएं।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित सत्रों के दौरान बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देने की जिम्मेदारी केवल अभिभावकों की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।
1.19 लाख बच्चों को आयरन सिरप देने का लक्ष्य
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अभियान संचालित किया जाएगा।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बी.पी. पटेल ने बताया कि अभियान के दौरान नियमित टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक टीके लगाए जाएंगे।
जिले में 6 माह से 5 वर्ष तक के 1,19,465 बच्चों को आयरन सिरप पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं 9 माह से 5 वर्ष तक के 1,12,828 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है।
छह माह के अंतराल पर दी जाएगी विटामिन-ए की खुराक
अभियान के तहत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को छह माह के अंतराल पर विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। वहीं 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार 1-1 मिलीलीटर आयरन सिरप देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभिभावकों को इन दोनों खुराकों के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
पांच साल तक के बच्चों की होगी पोषण जांच
शिशु संरक्षण माह के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण स्तर की जांच की जाएगी। वजन और स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान गंभीर रूप से कुपोषित पाए जाने वाले बच्चों को चिन्हांकित किया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
टीकाकरण, स्वच्छता और संतुलित आहार पर भी जागरूकता
अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन दीदियां अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित टीकाकरण और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी देंगी।
विटामिन-ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के साथ शारीरिक और मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं आयरन की पर्याप्त मात्रा बच्चों में आयरन की कमी से होने वाली समस्याओं की रोकथाम में सहायक होती है।
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