उच्च शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक कैलेंडर के साथ लागू की व्यवस्था, नियमित कक्षाओं से विद्यार्थियों को जोड़ने और पढ़ाई के प्रति गंभीरता बढ़ाने पर जोर

भिलाई : कॉलेजों में अब विद्यार्थियों की उपस्थिति केवल हाजिरी रजिस्टर तक सीमित नहीं रहेगी। सत्र 2026-27 से 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को फोन या संदेश के जरिए सूचना दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक कैलेंडर के साथ यह व्यवस्था लागू की है।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं से जोड़ना और प्रवेश लेने के बाद पढ़ाई के प्रति उनकी गंभीरता बढ़ाना है। कई विद्यार्थी प्रवेश के बाद नियमित कक्षाओं से दूरी बना लेते हैं और परीक्षा के समय ही पढ़ाई पर ध्यान देते हैं। अब कम उपस्थिति की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचने से घर से भी विद्यार्थियों की कॉलेज उपस्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।
पढ़ाई और व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत स्नातक स्तर पर कौशल विकास, शोध और व्यावहारिक ज्ञान को पाठ्यक्रम में अधिक महत्व दिया जा रहा है। आंतरिक परीक्षाओं, प्रायोगिक कार्य और अंतिम परीक्षाओं का आयोजन भी नए शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार किया जाएगा।
नियमित कक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ने से पढ़ाई के साथ-साथ उनके कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को भी बेहतर करने पर जोर रहेगा।
प्रतियोगी परीक्षा और नौकरी करने वाले छात्रों के लिए चुनौती
75 प्रतिशत उपस्थिति का नियम नियमित रूप से कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों के लिए मुश्किल नहीं होगा। हालांकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले या नौकरी के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए कॉलेज और अन्य जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
वहीं, बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी भी हैं जो कॉलेज पहुंचने के बावजूद कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते। ऐसे विद्यार्थियों की कम उपस्थिति होने पर अब उनके अभिभावकों को भी इसकी जानकारी मिल सकेगी।
कॉलेजों की भी बढ़ेगी जिम्मेदारी
उपस्थिति को लेकर अलर्ट व्यवस्था लागू होने के साथ कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं से जोड़ने के लिए शिक्षकों की समय पर मौजूदगी और कक्षाओं का नियमित संचालन जरूरी होगा।
इसके साथ ही पढ़ाई को रोजगार और व्यावहारिक जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी बनाने पर भी जोर देना होगा।
क्षेत्रीय अपर संचालक डॉ. अनुपमा अस्थाना के अनुसार, सभी कॉलेजों में पढ़ाई शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार जारी है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से सभी कक्षाओं में उपस्थित होना चाहिए। उनकी पढ़ाई के लिए जरूरी व्यवस्थाएं शासन स्तर पर की गई हैं।
