स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब और ई-लाइब्रेरी की योजना; रायपुर के 8 स्कूल भी चयन तक सीमित, हजारों विद्यार्थियों को इंतजार

रायपुर। प्रदेश के हर ब्लॉक में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट स्कूल विकसित करने की योजना फिलहाल जमीन पर शुरू नहीं हो सकी है। शासन ने प्रदेशभर में 108 स्कूलों का चयन किया है और इसी सत्र से सुविधाएं विकसित करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद चयनित स्कूलों में अब तक काम शुरू नहीं हुआ है।
स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब की योजना
योजना के तहत चयनित स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। लेकिन सत्र शुरू होने के बाद भी योजना की जमीनी प्रगति सामने नहीं आई है।
रायपुर जिले के 8 स्कूल शामिल
रायपुर जिले में योजना के लिए 8 स्कूलों का चयन किया गया है। इनमें धरसींवा के देवरी, मठपुरैना, संजय नगर, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी और पं. रविशंकर परिसर के स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा आरंग के भंडारपुरी, अभनपुर के पोंड और तिल्दा के सरोरा स्कूल का भी चयन किया गया है।
इन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी काफी अधिक है। मठपुरैना में 1,175, संजय नगर में 986, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में 786 और सरोरा में 710 विद्यार्थी दर्ज हैं। वहीं देवरी में 565, भंडारपुरी में 551, पं. रविशंकर परिसर और पोंड में 446-446 विद्यार्थी हैं।
शिक्षा विभाग के स्तर पर आगे की प्रक्रिया
समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अरुण शर्मा के अनुसार चयनित स्कूलों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी जा चुकी है। स्कूलों में रिक्त पदों और भवनों की स्थिति से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
अब आगे की प्रक्रिया शिक्षा विभाग स्तर पर होनी है। ऐसे में 100 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के बावजूद काम कब शुरू होगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। हजारों विद्यार्थी आधुनिक सुविधाओं के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
