28 सप्ताह से अधिक का गर्भ | मेडिकल बोर्ड ने प्रक्रिया के लिए बताया चिकित्सकीय रूप से फिट
- 1. 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता को गर्भसमापन की अनुमति | ग्वालियर हाईकोर्ट का आदेश
- 2. 28 सप्ताह के गर्भ पर हाईकोर्ट ने दी अनुमति | मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद फैसला
- 3. नाबालिग के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आदेश | विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगा गर्भसमापन

28 सप्ताह से अधिक का था गर्भ
ग्वालियर: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दुष्कर्म के कारण गर्भवती हुई 13 वर्षीय किशोरी को गर्भसमापन की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
बाल कल्याण समिति (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार किशोरी के साथ वर्ष 2026 की शुरुआत में दुष्कर्म हुआ था। गर्भ का पता देरी से चलने के कारण गर्भ की अवधि 28 सप्ताह 2 दिन हो गई थी।
मेडिकल बोर्ड ने की जांच
24 सप्ताह की निर्धारित सीमा से अधिक गर्भ होने के कारण गर्भसमापन की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय के निर्देश पर 28 सितंबर को मेडिकल बोर्ड गठित कर किशोरी की चिकित्सकीय जांच कराई गई।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में किशोरी को मध्यम स्तर के आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया से पीड़ित बताया गया। हालांकि बोर्ड ने उसे गर्भसमापन की प्रक्रिया के लिए चिकित्सकीय रूप से फिट माना।
नाबालिग के भविष्य को ध्यान में रखकर आदेश
मेडिकल बोर्ड की राय और नाबालिग के भविष्य को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने गर्भसमापन की अनुमति दी। न्यायालय ने यह प्रक्रिया विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने प्रक्रिया के दौरान प्राप्त होने वाले डीएनए सैंपल और अन्य संबंधित सामग्री को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर इन्हें जांच और ट्रायल में इस्तेमाल किया जा सके।
अस्पताल जांच में सामने आया मामला
मामला तब सामने आया जब किशोरी करीब एक सप्ताह पहले पेटदर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। जांच के दौरान उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद चिकित्सकों ने उसके माता-पिता को जानकारी दी।
परिजनों से बातचीत के दौरान किशोरी ने अपने साथ हुए यौन अपराध की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
