सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस कर रही विस्तृत जांच | 78 महिलाएं, 54 पुरुष, 17 बच्चे और 10 बुजुर्ग लापता

24 घंटे में 159 गुमशुदगी के मामले
रायपुर में गुमशुदगी के मामलों को लेकर पुलिस ने तलाश के साथ-साथ अन्य संभावनाओं पर भी जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद परिस्थितियों के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि कहीं लापता व्यक्ति को बंधक बनाकर तो नहीं रखा गया या उसे गलत तरीके से छिपाया गया है।
इसी क्रम में शनिवार से रविवार के बीच 24 घंटे में रायपुर कमिश्नरेट और ग्रामीण थाना क्षेत्रों में गुमशुदगी की 159 FIR दर्ज की गईं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की है।
78 महिलाएं और 54 वयस्क पुरुष लापता
दर्ज मामलों में 78 महिलाएं, 54 वयस्क पुरुष, 17 बच्चे व नाबालिग और 10 बुजुर्ग शामिल हैं। लापता महिलाओं में गृहणियां, नवविवाहिता और कामकाजी महिलाएं शामिल हैं।
नाबालिगों में स्कूल, ट्यूशन या घर से गायब हुए बच्चों के मामले हैं। वहीं कुछ बुजुर्ग स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या मानसिक कमजोरी से जूझ रहे थे। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग हैं और जांच के बाद ही वास्तविक वजह सामने आएगी।
इन थाना क्षेत्रों में सबसे ज्यादा मामले
रायपुर कमिश्नरेट में उरला में 18 और मुजगहन में 16 गुमशुदगी के मामले दर्ज हुए। इसके अलावा गुढ़ियारी में 13, खमतराई में 11, टिकरापारा में 9, डीडी नगर और पंडरी में 7-7 मामले सामने आए।
आमानाका, गंज, राजेंद्र नगर और खम्हारडीह में 5-5, तेलीबांधा में 4, सरस्वती नगर और पुरानी बस्ती में 3-3, सिविल लाइन और मौदहापारा में 2-2 तथा आजाद चौक, गोलबाजार, कोतवाली और कबीर नगर में 1-1 मामला दर्ज हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों में खरोरा में 7, तिल्दा नेवरा में 5, जबकि अभनपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद और सिलतरा में 4-4 मामले दर्ज हुए। आरंग, गोबरा नवापारा और माना कैंप में 3-3, विधानसभा में 2 और राखी में 1 गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई।
पारिवारिक विवाद से लेकर आर्थिक परेशानी तक कारण
पुलिस के मुताबिक गुमशुदगी के पीछे पारिवारिक कलह, पति-पत्नी के बीच विवाद, प्रेम संबंध, आर्थिक परेशानी, बेरोजगारी, नशे की लत, संपत्ति विवाद और घरेलू हिंसा जैसे कारण हो सकते हैं।
किशोरों के मामलों में पढ़ाई का दबाव, दोस्तों और प्रेम संबंधों का असर भी सामने आता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर मामले की वजह अलग हो सकती है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
शादी के अगले दिन नवविवाहिता गायब
गोलबाजार थाना क्षेत्र में शादी के अगले ही दिन 25 वर्षीय नवविवाहिता के लापता होने का मामला भी दर्ज है। जानकारी के मुताबिक 23 मई को मंदिर में शादी के बाद 24 मई को परिवार गोलबाजार के जवाहर मार्केट में खरीदारी के लिए गया था।
इसी दौरान पति अपनी पत्नी को बैठाकर सास के लिए जूस लेने गया। वापस लौटने पर पत्नी वहां नहीं मिली। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई और पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
खलासी, बुजुर्ग और मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला भी लापता
आमानाका थाना क्षेत्र के न्यू ट्रांसपोर्ट नगर, टाटीबंध से ओडिशा निवासी 31 वर्षीय खलासी के लापता होने का मामला सामने आया। वह ट्रक से रायपुर आया था और सिलतरा में माल खाली करने के बाद रिश्तेदार के साथ टाटीबंध में रुका था। चालक के सोने के दौरान वह वहां से गायब हो गया।
माना कैंप स्थित शासकीय नवीन वरिष्ठजन आश्रम से 72 वर्षीय बुजुर्ग भी बिना बताए निकल गए। वे मठपुरैना, टिकरापारा के निवासी हैं और बाएं पैर से लकवाग्रस्त बताए गए हैं।
वहीं जशपुर से इलाज के लिए रायपुर लाई गई 43 वर्षीय महिला भी अस्पताल में प्रक्रिया के दौरान भीड़ के बीच से गायब हो गईं। परिजनों के अनुसार महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और जशपुरिया बोली बोलती हैं।
हर गुमशुदगी की अलग परिस्थितियों से जांच
159 गुमशुदगी के मामले सामने आने के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की सुरक्षित तलाश और प्रत्येक मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना है। पुलिस गुमशुदगी के साथ संभावित अपराध, बंधक बनाए जाने या किसी अन्य अनहोनी की आशंका को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
