मतांतरित परिवार की महिला की मौत के बाद समाज ने अंतिम संस्कार में शामिल होने से किया इनकार | गंगाजल पिलाकर और तिलक लगाकर कराई गई घर वापसी

अंतिम संस्कार को लेकर हुआ विवाद
धमतरी जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर ग्राम भटगांव में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। शनिवार रात सरस्वती ध्रुव (28) की मौत के बाद रविवार सुबह परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान समाज के लोगों ने परिवार के लंबे समय से मतांतरित होने का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार में शामिल होने से इनकार कर दिया।
मामले को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा और बैठक चलती रही। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।
समाज ने रखी घर वापसी की शर्त
बैठक के दौरान परिवार के सदस्य सुरेश ध्रुव से समाज की परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए दोबारा समाज के साथ रहने की सहमति मांगी गई। समाज की ओर से घर वापसी की शर्त रखी गई। इसके बाद सुरेश ध्रुव ने हिंदू धर्म और समाज की परंपराओं को स्वीकार करने की सहमति दी।
तिलक और गंगाजल के बाद अंतिम संस्कार
समाजजनों की मौजूदगी में सुरेश ध्रुव को तिलक लगाया गया। पूजा-अर्चना के बाद उन्हें गंगाजल पिलाया गया और भगवान राम के जयकारे लगाए गए। इसके बाद समाज के लोगों ने महिला के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और परिवार को सहयोग दिया।
महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज और समाज की परंपरा के अनुसार किया गया।
चार साल से मतांतरित होने का दावा
बताया गया कि सुरेश ध्रुव का परिवार करीब चार साल से ईसाई धर्म अपना चुका था। विश्व हिंदू परिषद के पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप अग्रवाल के अनुसार, सुरेश ध्रुव ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म और समाज की परंपराओं को दोबारा स्वीकार करने की बात कही।
इसके बाद पूजा और गंगाजल की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें समाज में शामिल किया गया। समाजजनों ने भी अंतिम संस्कार में शामिल होकर परिवार को आवश्यक सहयोग दिया।
समाज की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
विवाद और बैठक के बाद स्थिति सामान्य हुई और मृतका का अंतिम संस्कार समाज के लोगों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार कराया गया। मामले को लेकर गांव में काफी देर तक चर्चा का माहौल रहा।
