महंगाई भत्ते के एरियर, बढ़ी दर के भुगतान और कटे वेतन की मांग को लेकर जगजीतपुर में सौंपा ज्ञापन, कर्मचारियों ने अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

हरिद्वार, 12 अक्टूबर। उत्तराखंड जल संस्थान की गंगा शाखा में सीवर योजनाओं के तहत लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जगजीतपुर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संविदा श्रमिक संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपकर महंगाई भत्ते के एरियर सहित विभिन्न मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि दो दिन के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।
महंगाई भत्ते और वेतन भुगतान की मांग
प्रदर्शन कर रहे संविदा कर्मचारियों ने महंगाई भत्ते के लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग उठाई। इसके साथ ही अप्रैल 2026 से बढ़ी महंगाई भत्ते की 518 रुपये की दर को वेतन में जोड़कर भुगतान करने की मांग भी की गई।
कर्मचारियों ने वर्ष 2025 और 2026 में राष्ट्रीय पर्वों पर अवकाश के बदले किए गए कार्य का भुगतान करने तथा तीन कर्मचारियों के काटे गए वेतन का शीघ्र भुगतान करने की मांग रखी।
चार बार पत्राचार, पांच बार वार्ता का दावा
संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर अब तक चार बार पत्राचार कर चुके हैं और पांच बार वार्ता भी हो चुकी है। इसके बावजूद संस्थान की ओर से आश्वासन मिलने के अलावा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से मांगें लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से उन्होंने कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा।
दो दिन का अल्टीमेटम, धरने की चेतावनी
कर्मचारियों ने संस्थान को दो दिन के भीतर मांगों का निस्तारण करने का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि आंदोलन के कारण सीवर योजनाओं के कामकाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के लिए संस्थान के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में शुभम शर्मा, विरेंद्र पाल, अंकित, नकुल महेश्वरी, नीरज, ऋषि चौहान, विनोद कुमार, मोनू, गौरव कुमार, सुशील कुमार, अरुण कुमार, रविन्द्र, मनोज कुमार, सोनू सैनी, शीला, सुमन देवी सहित कई संविदा कर्मचारी शामिल रहे।
