रायगढ़। रायगढ़ जिले के सकरबोगा पंचायत के ग्राम साल्हेओना के प्रगतिशील किसान अरुण कुमार सॉ ने अनानास की खेती से सफलता की नई मिसाल पेश की है। कभी शौक के तौर पर खेत की मेड़ पर लगाए गए कुछ पौधे आज उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन चुके हैं।

अरुण सॉ पहले पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। लेकिन अनानास के पौधों की अच्छी बढ़वार और फलों की गुणवत्ता को देखते हुए उन्होंने धीरे-धीरे इसकी खेती का दायरा बढ़ाया। आज करीब दो एकड़ क्षेत्र में अनानास का बगीचा तैयार हो चुका है, जिससे उन्हें हर साल दो से ढाई लाख रुपये तक की अतिरिक्त आय हो रही है।
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🔴अनानास की खेती से किसान की बदली आर्थिक तस्वीर
🔴दो एकड़ खेती से हर साल 2 से 2.5 लाख की अतिरिक्त आय
🔴कम लागत में अधिक मुनाफे का सफल मॉडल बना अनानास
🔴कृषि विभाग के मार्गदर्शन से मिली सफलता
🔴अब दूसरे किसानों के लिए भी बना प्रेरणा स्रोत
कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन और वैज्ञानिक सलाह से उन्होंने खेती को व्यावसायिक रूप दिया। उनके खेत में आम और अमरूद के बगीचे के बीच कतारबद्ध अनानास के पौधे बहुफसली खेती का सफल मॉडल बन चुके हैं।

अनानास की खेती में लागत कम और मुनाफा ज्यादा है। कम सिंचाई और कम रखरखाव वाली इस फसल के फल बाजार में 40 से 80 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं पौधों से निकलने वाले प्ररोहों की बिक्री भी उनकी अतिरिक्त आय का स्रोत बन गई है।
अरुण सॉ की सफलता से प्रेरित होकर अब क्षेत्र के कई किसान भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। उनका कहना है कि सही फसल का चयन और नई तकनीकों को अपनाकर कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है।
