सड़क की बदहाली और हादसों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे ग्रामीण, पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत की कार्रवाई

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर कलेक्टोरेट परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब कलेक्टर से चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लव दुबे पर कथित तौर पर अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लव दुबे को हिरासत में लिया और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की।
घटना के बाद कलेक्टोरेट परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
सड़क की बदहाली को लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे थे ग्रामीण
दरअसल, पूरा मामला क्षेत्र की जर्जर सड़कों और सड़क हादसों से जुड़ा है। ‘सड़क सत्याग्रह आम नागरिकों का मंच’ के बैनर तले करीब 40 से 50 ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे थे।
ग्रामीणों की ओर से सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखी जानी थीं। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ज्ञापन लेने के लिए 10 प्रतिनिधियों के एक दल को कलेक्टर कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। इसी प्रतिनिधिमंडल में AAP नेता लव दुबे भी शामिल थे।
कलेक्टर से चर्चा के दौरान विवाद
थाना प्रभारी भापेंद्र साहू के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल जब कलेक्टर के सामने अपनी बात रख रहा था, उसी दौरान लव दुबे पर कथित तौर पर कलेक्टर के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा।
मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद उनका व्यवहार आक्रामक बना रहा।
इसके बाद उन्हें कलेक्टोरेट परिसर से बाहर लाया गया। पुलिस के अनुसार, परिसर के बाहर भी स्थिति सामान्य नहीं होने पर उन्हें हिरासत में लिया गया।
प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई
पुलिस ने मामले में लव दुबे को हिरासत में लेकर प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। घटना के बाद कलेक्टोरेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी।
हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर AAP नेता या उनके पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
डबल लेन सड़क की गुणवत्ता जांच की मांग
ग्रामीणों की मुख्य मांग क्षेत्र में निर्माणाधीन डबल लेन सड़क की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने को लेकर थी। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराने और सड़क को निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार पूरा कराने की मांग की।
हादसों में मृत लोगों के परिजनों को मुआवजे की मांग
ज्ञापन में ग्रामीणों ने खराब सड़कों के कारण हुए हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि भविष्य में सड़क हादसों को रोका जा सके।
