राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ पुस्तक का किया विमोचन, छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में निःशुल्क वितरण।
- 1. दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ब्रेल पुस्तक में अधिकार, सरकारी योजनाओं और प्रेरक कहानियों को शामिल किया गया है।
- 2. नई ब्रेल पुस्तक प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं तक पहुंचाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को उपयोगी जानकारी मिलेगी।
- 3. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने पुस्तक का विमोचन किया, जिसे विद्यार्थियों में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल माना जा रहा है।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष ब्रेल पुस्तक
रायपुर। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और प्रेरक जीवन प्रसंगों की जानकारी देकर सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार विशेष ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री ने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह ब्रेल पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ संघर्ष से सफलता हासिल करने वाले लोगों की कहानियों के जरिए आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
सुगम्य शिक्षा की दिशा में पहल
यह पुस्तक विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह ब्रेल लिपि में तैयार की गई है। इसमें दिव्यांगजनों के अधिकार, उनके लिए उपलब्ध अवसर और विषम परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल करने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियां शामिल की गई हैं।
पुस्तक के माध्यम से विद्यार्थियों तक जरूरी जानकारी सहज और सुलभ तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया है। इसे समावेशी और सुलभ शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
प्रतिष्ठित शिक्षिकाओं ने किया संपादन
पुस्तक का संपादन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य ने किया है।
दोनों शिक्षिकाएं लंबे समय से समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
20 दृष्टिबाधित शालाओं में निःशुल्क वितरण
पुस्तक के विमोचन के तुरंत बाद इसकी प्रतियां छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में निःशुल्क वितरित की गईं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पुस्तक की सामग्री पहुंचाना है।
इस पहल से विद्यार्थियों को अपने अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी मिलने के साथ प्रेरक कहानियों से आगे बढ़ने का हौसला मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और शिक्षाविदों ने इसे दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अधिकारों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
