मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर हुई चर्चा

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर मुख्य सचिव विकासशील ने सभी विभागों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। राज्य में अब तक करीब दो लाख शिकायतें दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
शिकायतों का कराएं भौतिक सत्यापन
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शिकायतों की नियमित निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर समस्याओं का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता सुधारने और जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करने पर जोर दिया।
धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की समीक्षा
बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने और जल जीवन मिशन से जुड़े लंबित बिंदुओं को समय पर पूरा करने पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने, कमियों को दूर करने और कार्ययोजना को व्यवस्थित रूप से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और आधारभूत परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट और संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा हुई।
पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं के साथ आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर विचार किया गया। अधिकारियों को परियोजनाओं को अनावश्यक देरी के बिना आगे बढ़ाने तथा जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करने को कहा गया। पेंशन और प्रशिक्षण से संबंधित विषय भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
भर्ती प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्तियों के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं और प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने को कहा।
बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
नवा रायपुर के बॉटनिकल गार्डन और जंगल सफारी पर जोर
नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास और बेहतर प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों की सुविधाओं से जुड़े अच्छे उपायों का अध्ययन कर उपयोगी पहल अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, आकर्षक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। जंगल सफारी के प्रबंधन, संचालन और सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, विधि एवं विधायी, नगरीय प्रशासन, वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, गृह, राजस्व, जल संसाधन, पर्यटन, ऊर्जा, परिवहन और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति और प्रशासनिक कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर चर्चा की गई।
