घर का दरवाजा तोड़कर घुसने और मारपीट करने का आरोप, पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई व परिवार की सुरक्षा की मांग की; मामले की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

घर में घुसकर दुष्कर्म करने का आरोप
देवबंद: सहारनपुर जिले के देवबंद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर उर्फ सापला देवड़ा में एक विवाहित महिला ने गांव के ही दो व्यक्तियों पर घर का मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने, दुष्कर्म करने और विरोध करने पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
दरवाजा तोड़कर घर में घुसने का आरोप
महिला की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, घटना सुबह करीब आठ बजे की है। उस समय वह अपनी छोटी बच्ची के साथ घर में सो रही थी। आरोप है कि गांव निवासी प्रदीप उर्फ काला पुत्र राजबीर और अर्जुन पुत्र वेदपाल उर्फ बेडू लाठी-डंडे लेकर उसके घर पहुंचे।
महिला का आरोप है कि दोनों ने लाठी-डंडों से मुख्य दरवाजा तोड़ दिया और कमरे में घुसकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण, मारपीट का भी आरोप
पीड़िता के अनुसार, उसके शोर मचाने पर विजेंद्र पुत्र विजेंद्र, शांति पत्नी विजेंद्र और निशांत समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान आरोपितों ने चाकू और लाठी-डंडों से हमला कर कुछ लोगों को चोटें पहुंचाईं।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की जानकारी मिलने पर कुछ लोग उसके पति को ईंट-भट्ठे से अपने साथ लेकर आए। इसी दौरान विपक्षी पक्ष के लोगों ने उसके पति पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
पति के लापता होने की बात कही
पीड़िता के मुताबिक, जान बचाने के लिए उसके पति घटनास्थल से चले गए। इसके बाद से उनका पता नहीं चल सका है। महिला ने पुलिस से अपने पति का पता लगाने और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उसने आशंका जताई है कि आरोपित उसे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से उसने पुलिस प्रशासन से परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी नहीं
समाचार लिखे जाने तक प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं थी। मामले में पुलिस जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही घटनाक्रम के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
