उद्यानिकी विभाग की तकनीकी सलाह और आधुनिक कृषि तकनीकों से प्रमोद सिंह ने फूलगोभी की खेती को बनाया लाभकारी व्यवसाय
जीपीएम जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत देवरगांव के किसान श्री प्रमोद सिंह ने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाई है। करीब 2 एकड़ क्षेत्र में फूलगोभी की व्यावसायिक खेती से उन्होंने अब तक लगभग 1.50 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया है।
- 1. जीपीएम में फूलगोभी की खेती से किसान की बढ़ी आमदनी
- 2. 2 एकड़ में फूलगोभी की व्यावसायिक खेती | करीब 1.50 लाख रुपये का लाभ
- 3. उन्नत तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन से खेती बनी लाभकारी | बढ़ा किसान का भरोसा

उद्यानिकी विभाग से मिला तकनीकी मार्गदर्शन
रायपुर ; प्रमोद सिंह पहले भी उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ ले चुके हैं। विभाग की ओर से उन्हें उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन और नवीन उद्यानिकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी के साथ तकनीकी मार्गदर्शन मिलता रहा है। इसी अनुभव और सलाह के आधार पर उन्होंने फूलगोभी की व्यावसायिक खेती शुरू की।
वैज्ञानिक तरीके से किया फसल प्रबंधन
फसल की बेहतर देखभाल, समय पर कृषि कार्य और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में फूलगोभी की बिक्री से अब तक करीब 1.50 लाख रुपये का लाभ मिलने से किसान उत्साहित हैं।
अन्य किसानों के लिए बनी प्रेरणा
प्रमोद सिंह की सफलता से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे उद्यानिकी गतिविधियों को आगे विस्तार देने की दिशा में बढ़ रहे हैं। उनकी पहल यह दर्शाती है कि सही फसल चयन, आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
उद्यानिकी विभाग का तकनीकी मार्गदर्शन और किसान की मेहनत का समन्वय क्षेत्र में व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने में मदद कर रहा है। प्रमोद सिंह की पहल अन्य किसानों को भी उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
