नौ महीने तक आदेश का पालन नहीं करने का मामला | कमिश्नर पीएस एल्मा और अपर आयुक्त पीएल साहू से जवाब तलब
हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद करीब नौ महीने तक आदेश का पालन नहीं करने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आबकारी कमिश्नर पीएस एल्मा और अपर आबकारी आयुक्त पीएल साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू की एकलपीठ ने पूछा है कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना के लिए दोनों अधिकारियों के खिलाफ अवमानना अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। दोनों अधिकारियों को तीन सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

विभागीय पदोन्नति से जुड़ा मामला
मामला जांजगीर-चांपा आबकारी विभाग में प्रधान आरक्षक के पद पर कार्यरत मुकेश कुमार शर्मा से जुड़ा है। उन्होंने आबकारी उपनिरीक्षक पद की विभागीय पदोन्नति परीक्षा में हिस्सा लिया था। चयन प्रक्रिया के दौरान वर्ष 2017, 2018 और 2019 की प्रतिकूल सेवा प्रविष्टियों के आधार पर उनके 15 अंक कम कर दिए गए, जिसके चलते वे पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर हो गए।
मुकेश कुमार शर्मा ने अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इन प्रविष्टियों को चुनौती दी थी।
90 दिन में निर्णय का दिया था निर्देश
16 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट की पीठ ने मामले में आदेश दिया था कि संबंधित प्रतिकूल प्रविष्टियां याचिकाकर्ता को पूर्व सूचना दिए बिना दर्ज की गई थीं और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं मिला था।
कोर्ट ने ऐसी प्रविष्टियों को हटाने और उपलब्ध अन्य सेवा अभिलेखों के आधार पर याचिकाकर्ता के मामले पर दोबारा विचार कर 90 दिन के भीतर नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया था।
आदेश का पालन नहीं होने पर दायर हुई अवमानना याचिका
निर्धारित 90 दिन की अवधि बीतने के बाद भी विभाग की ओर से आदेश के अनुरूप निर्णय नहीं लिया गया। इसके बाद मुकेश कुमार शर्मा ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी कमिश्नर पीएस एल्मा और अपर आबकारी आयुक्त पीएल साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया। दोनों अधिकारियों से तीन सप्ताह में जवाब मांगा गया है। कोर्ट के अनुसार, जवाब मिलने के बाद आगे अवमानना की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
