हत्या के मामले में मिली थी उम्रकैद की सजा, पहचान छिपाकर रह रही थी महिला; कोर्ट ने जेल वारंट पर भेजा

रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों और लंबे समय से लंबित वारंटों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत लैलूंगा पुलिस ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा प्राप्त महिला वारंटी रामबाई चौहान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार महिला करीब 15 साल से फरार थी और जूटमिल क्षेत्र में पहचान छिपाकर रह रही थी।
हत्या के मामले में हुई थी उम्रकैद
पुलिस के मुताबिक जिला रायगढ़ सत्र प्रकरण क्रमांक 194/1996 में रामबाई चौहान को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार मामले में मृतक पार्रू सिदार की मृत्यु गला घोंटने से हुई थी। निचली अदालत की दोषसिद्धि को उच्च न्यायालय ने बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी थी और शेष सजा भुगतने के लिए आत्मसमर्पण करने अथवा हिरासत में लिए जाने का निर्देश दिया था।
पुराने रिकॉर्ड और फोटो से शुरू हुई तलाश
ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान लंबे समय से फरार वारंटियों की सूची में रामबाई चौहान का नाम शामिल था। लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने पुराने रिकॉर्ड, फोटो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस को उसके जूटमिल क्षेत्र में रहने की जानकारी मिली। इसके बाद जूटमिल पुलिस की मदद से स्थानीय जानकारी और वोटर लिस्ट सहित उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान किया गया। फोटो मिलान के बाद पुलिस का संदेह मजबूत हुआ कि संबंधित महिला वही रामबाई चौहान हो सकती है।
पूछताछ में सामने आई असली पहचान
पुलिस महिला को थाने लेकर आई। पूछताछ के दौरान उसने शुरुआत में अपनी पहचान से इनकार किया। पुलिस द्वारा उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर पूछताछ किए जाने के बाद उसकी पहचान रामबाई चौहान के रूप में सामने आई।
पहचान की पुष्टि के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट के तहत उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से जेल वारंट जारी होने के बाद महिला को जेल दाखिल कर दिया गया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, जूटमिल थाने के सहायक उप निरीक्षक हेमंत कश्यप, लैलूंगा थाने के प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा और महिला आरक्षक आशा सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
