जागला गांव में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात | राहुल गांधी ने कुपोषण, मलेरिया और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए
- 1. बालाघाट पहुंचे राहुल गांधी | जागला गांव में प्रभावित परिवारों से मुलाकात
- 2. आदिवासी बच्चों की मौत पर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर राहुल गांधी के सवाल
- 3. मौतों के आंकड़े पर अलग-अलग दावे | प्रभावित परिवारों से मिले राहुल गांधी

जागला गांव पहुंचे राहुल गांधी
बालाघाट: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गुरुवार को बालाघाट के जागला गांव पहुंचे। उन्होंने आदिवासी बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। उनके साथ कांग्रेस के आदिवासी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया भी मौजूद रहे। राहुल गांधी का यह दौरा क्षेत्र में बच्चों की मौतों को लेकर चल रही चर्चा के बीच हुआ है।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि कुपोषण, मलेरिया और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में इन सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया जाएगा। मनरेगा और महिलाओं को मिलने वाली योजनाओं के लाभ को लेकर भी उन्होंने अपनी बात रखी। ये बयान राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं।
एक और बच्ची की इलाज के दौरान मौत
राहुल गांधी के दौरे से पहले बालाघाट के आदिवासी क्षेत्र की 11 वर्षीय सुषमा मर्सकोले की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, बच्ची को छह दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार उसे मलेरिया के साथ अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं भी थीं। मलेरिया नियंत्रित होने के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी रही और बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई।
मौतों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे
बैहर और बिरसा विकासखंड के आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की मौतों को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। हालिया रिपोर्टों में 34 बच्चों की मौत का आंकड़ा बताया गया है, जबकि बैहर से कांग्रेस विधायक संजय उइके ने 43 मौतों का दावा किया है। दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर 32 बीमारी-संबंधी मौतों का उल्लेख है। इसलिए मौतों की संख्या को लेकर अभी अलग-अलग दावे मौजूद हैं।
कई बीमारियों का किया गया उल्लेख
स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी रिपोर्टों में बच्चों की मौतों को किसी एक बीमारी से नहीं जोड़ा गया है। मलेरिया, खसरा, कुपोषण, एनीमिया, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं का उल्लेख सामने आया है। प्रभावित बच्चों में बड़ी संख्या बैगा और गोंड आदिवासी समुदायों से होने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है।
