पूर्व रंजिश के चलते 5 हजार रुपये और सोने की चेन लूटने का लगाया था आरोप; पुलिस ने हटाई BNS की धारा 309(6), शिकायतकर्ता के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर होगी

रायगढ़, 14 अक्टूबर 2026। रायगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना को लूटपाट का रूप देकर रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान प्रार्थी और गवाहों से पूछताछ में लूटपाट की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पूर्व रंजिश के चलते आरोपियों को फंसाने के उद्देश्य से लूटपाट की बढ़ा-चढ़ाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात स्वीकार की और इस संबंध में शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया। पुलिस ने प्रकरण से लूटपाट से संबंधित धारा 309(6) भारतीय न्याय संहिता (BNS) हटा दी है।
मारपीट के साथ लूटपाट का लगाया था आरोप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोतरारोड़ क्षेत्र की जयसिंह गली निवासी 22 वर्षीय संजय दास ने 9 अक्टूबर 2026 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि 9 अक्टूबर की रात करीब 12:30 बजे रेलवे बंगला स्थित जगन्नाथ मंदिर के पास सागर यादव, शैलेश साहू और भोला नामक युवकों ने उसके साथ मारपीट की और 5,000 रुपये नकद तथा सोने की चेन छीन ली।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 583/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296, 315(3), 351(3), 309(6) और 3(5) के तहत जांच शुरू की थी।
पूछताछ में लूटपाट की पुष्टि नहीं हुई
मामले की विवेचना के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी ने शिकायतकर्ता और गवाहों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, जांच में मारपीट की घटना सामने आई, लेकिन लूटपाट के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस का कहना है कि विस्तार से पूछताछ करने पर शिकायतकर्ता ने पूर्व रंजिश के कारण आरोपियों को फंसाने की नीयत से लूटपाट की झूठी और बढ़ा-चढ़ाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात स्वीकार की। इस संबंध में उसने शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया है।
लूटपाट की धारा हटाई, न्यायालय को भेजा जाएगा प्रतिवेदन
विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामले से BNS की धारा 309(6) हटा दी है। शिकायतकर्ता के विरुद्ध संभावित वैधानिक कार्रवाई के संबंध में पुलिस न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रही है। आगे की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुसार की जाएगी।
एसएसपी ने की सही जानकारी देने की अपील
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि किसी निर्दोष को फंसाने के उद्देश्य से झूठी लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराना कानून का दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष विवेचना के जरिए तथ्यों को सामने लाएगी और झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध भी विधि सम्मत कार्रवाई के लिए न्यायालय को प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने आम नागरिकों से पुलिस को सही जानकारी देने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
