जकेला में इवनिंग वॉक के दौरान चाकू की नोक पर किया अपहरण, UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराने का आरोप | पंडरीपानी में बंधक बनाए गए प्रोफेसर को परिजनों ने सुरक्षित छुड़ाया
इवनिंग वॉक के दौरान प्रोफेसर का अपहरण
रायगढ़, 9 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपूर चंद गुप्ता के अपहरण और लूट के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चाकू की नोक पर प्रोफेसर को धमकाकर उनके मोबाइल से डिजिटल भुगतान के जरिए रकम ट्रांसफर कराई और बाद में उन्हें बंधक बनाकर रखा।
रायगढ़ पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का दावा किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर 99,100 रुपये नकद, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
चाकू की नोक पर धमकाया, मोबाइल के पासवर्ड लिए

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, 47 वर्षीय कपूर चंद गुप्ता 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच ग्राम जकेला में डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान होने पर वे सड़क किनारे डबरी के पास बैठ गए। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और सुनसान जगह पर ले गए।
आरोप है कि आरोपियों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर पेट, गर्दन और छाती पर चाकू लगाते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें मोटरसाइकिल से दूसरे स्थान पर ले जाकर मारपीट की गई और मोबाइल फोन का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM UPI की जानकारी हासिल कर ली गई।
UPI और QR कोड से खाते से रकम ट्रांसफर
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने प्रोफेसर के मोबाइल से डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कर एक महिला के खाते का QR कोड मंगवाया और कई ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर कराई। पीड़ित को धमकाकर परिजनों से फोन पर सामान्य बातचीत भी कराई गई, ताकि उन्हें अपहरण का संदेह न हो।
इसके बाद प्रोफेसर को थाना भूपदेवपुर क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी स्थित एक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।
परिजनों की सतर्कता से सुरक्षित मुक्त हुए प्रोफेसर
फोन पर बातचीत के दौरान परिजनों को संदेह हुआ। वे जानकारी जुटाते हुए ग्राम पंडरीपानी पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, परिजनों और ग्रामीणों के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी प्रोफेसर को छोड़कर फरार हो गए।
सूचना मिलने पर पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रोफेसर को सुरक्षित मुक्त कराया। इसके बाद पुसौर थाने में अपराध क्रमांक 256/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 309(6), 142 और 351(3) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तीन दिन पहले बनाई थी अपहरण की योजना
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपियों ने 3 अक्टूबर को ही अपहरण कर रकम ऐंठने की योजना बनाई थी। इसके बाद 5 अक्टूबर की शाम वे मोटरसाइकिल से जकेला पहुंचे और प्रोफेसर को अकेला देखकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने सबसे पहले सुनील सारथी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया। उससे मिली जानकारी और जांच के आधार पर मुख्य आरोपी राजेंद्र कुमार महंत उर्फ प्रदीप महंत, उसके भाई नरेंद्र उर्फ नंदू महंत और दिनेश सारथी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर घटनाक्रम का रिक्रिएशन भी कराया गया।
₹99,100 नकद, मोटरसाइकिल और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों से कुल 99,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा राजेंद्र उर्फ प्रदीप महंत से एक मोबाइल, नरेंद्र उर्फ नंदू महंत से दो मोबाइल और दिनेश सारथी से एक चाकू जब्त किया गया। दिनेश की निशानदेही पर ग्राम पंडरीपानी से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार, सुनील सारथी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जा रही थी, जबकि अन्य तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जा रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी भी दी है। मामले में डिजिटल लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह बैस, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक रिकेन्द्र चंद्राकर, प्रधान आरक्षक चंद्रहास नायक, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, महेश चौहान, ठंडाराम गुप्ता, तारिक अनवर, महिला आरक्षक किशोरी चौहान और कंप्यूटर ऑपरेटर कैलाश गुप्ता की भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपहरण और लूट जैसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 48 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की तत्परता का परिणाम बताया।
