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🔴 60 साल पुराना अघोर आश्रम पुल टूटने से यातायात ठप
🔴 भारी कोयला ट्रकों की आवाजाही पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
🔴 35 यात्रियों से भरी बस पुल पर फंसी, सभी सुरक्षित निकले
🔴 वैकल्पिक मार्ग से ट्रैफिक डायवर्ट, मरम्मत कार्य जारी
बिलासपुर।
आरएमकेके (रतनपुर-मरवाही-केंवची-कटघोरा) मार्ग पर स्थित 60 साल पुराना अघोर आश्रम पुल रविवार दोपहर क्षतिग्रस्त होने के बाद सोमवार रात तक भी यातायात बहाल नहीं हो सका। प्रशासन टूटे हुए रपटा पर डोम लगाकर मिट्टी से भराव कर वैकल्पिक रास्ता तैयार करने में जुटा हुआ है।

पुल टूटने से बस फंसी, सभी यात्री सुरक्षित
रविवार को एक यात्री बस पुल से गुजर रही थी, तभी पुल बीच से धंस गया। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।
भारी कोयला ट्रकों को बताया हादसे की वजह
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से इस मार्ग पर कोयले से लदे भारी ट्रकों की आवाजाही अचानक बढ़ गई थी। उनका कहना है कि टोल टैक्स और खनिज जांच से बचने के लिए ट्रक चालक इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे पुराने पुल पर क्षमता से अधिक दबाव पड़ा और वह टूट गया।
तीन साल पहले भी टूटा था पुल
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 में चांपीनाला का 50 साल पुराना पुल भी इसी तरह भारी वाहनों के दबाव के कारण क्षतिग्रस्त हुआ था। बाद में करीब 3.51 करोड़ रुपये की लागत से नया पुल बनाया गया, जिसे तैयार होने में लगभग दो वर्ष का समय लगा।
ट्रैफिक डायवर्ट, वैकल्पिक मार्ग से आवागमन
पुल टूटने के बाद पुलिस और प्रशासन ने बिलासपुर से पेंड्रा जाने वाले वाहनों को भैंसाझार, बुछाली और बारीडीह मार्ग की ओर डायवर्ट कर दिया है। भारी वाहनों और बसों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है।
दो साल में तैयार होगा नया मार्ग
एनएचएआई के अनुसार रतनपुर से केंवची तक एनएच-45 के चौड़ीकरण और नए पुल-पुलियों का निर्माण कार्य जारी है। इस परियोजना को पूरा होने में करीब दो साल लगेंगे। तब तक पुराने रपटे की मरम्मत कर आवागमन सुचारु रखने का प्रयास किया जा रहा है।
