उपमुख्यमंत्री ने स्थानीय जरूरत के अनुसार कार्य चुनने पर दिया जोर, जल संरक्षण के कम से कम 30% कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश

रायपुर, 22 सितंबर। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद किया।
बैठक में जिलों में स्वीकृत कार्यों, उनकी प्रगति और योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।
375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय जरूरत के अनुसार होगा चयन
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों से संवाद करते हुए योजना से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि अब 375 प्रकार के अनुमेय कार्यों में से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय जरूरत के अनुसार कार्यों का चयन और स्वीकृति कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नए कार्य भी लिए जा सकते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
60:40 अनुपात और जल संरक्षण पर जोर
योजना के तहत मजदूरी और सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखने की बात कही गई। साथ ही जल संरक्षण से जुड़े कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
ग्राम सभाएं स्थानीय जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कार्यों को भी स्वीकृति दे सकती हैं।
कार्यों की गुणवत्ता पर बनेगा मॉनिटरिंग सिस्टम
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए जल्द क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे।
इससे पंचायत स्तर पर होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
खेत सड़क और धरसा भी अनुमेय कार्यों में शामिल
आयुक्त, विकसित भारत-जीरामजी तारन प्रकाश सिन्हा ने योजना से जुड़े तकनीकी सवालों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है।
इसके अलावा बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण यानी कन्वर्जेंस को लेकर भारत सरकार की अधिसूचना जारी होने की प्रक्रिया में है। मनरेगा के लंबित भुगतान के संबंध में भी भारत सरकार को पत्र भेजा गया है।
175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति
वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है।
इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर और लेखापाल सहित अन्य पद शामिल हैं। इसके अलावा बस्तर, बीजापुर और नारायणपुर में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है।
बैठक में जिला पंचायत प्रतिनिधियों ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव और मैदानी स्तर की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
