नमो ड्रोन दीदी योजना से बनीं आत्मनिर्भर, किसानों के खेतों में कर रहीं नैनो उर्वरकों का छिड़काव

बलौदाबाजार। बलौदाबाजार जिले के विकासखंड सिमगा के ग्राम रानीजरौद की आरती साहू आज आधुनिक तकनीक के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आरती पिछले दो वर्षों से किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं।
आरती किसानों को 300 रुपये प्रति एकड़ की दर से ड्रोन छिड़काव की सेवा उपलब्ध कराती हैं। इससे किसानों का समय और मेहनत दोनों बच रहे हैं। वहीं, इस काम से आरती की आमदनी भी बढ़ी है और वह लखपति दीदी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
एक साल में 1154 एकड़ में किया ड्रोन से छिड़काव
आरती साहू के मुताबिक, पिछले वर्ष उन्होंने करीब 1154 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के जरिए नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया। इस काम से उन्हें लगभग 3.5 लाख रुपये की आमदनी हुई।
ड्रोन अब आरती के लिए सिर्फ खेती में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक नहीं है, बल्कि यह उनके लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का साधन बन चुका है।
किसानों का समय और मेहनत हो रही बचत
ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरकों का छिड़काव कम समय में किया जा सकता है। आरती किसानों के खेतों तक पहुंचकर उन्हें यह सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। इससे किसानों को पारंपरिक तरीके से छिड़काव करने में लगने वाली अतिरिक्त मेहनत और समय से राहत मिल रही है।
आरती की पहल यह भी दिखाती है कि ग्रामीण महिलाएं सही अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर आधुनिक तकनीक को अपनाकर रोजगार के नए रास्ते तैयार कर सकती हैं।
नमो ड्रोन दीदी योजना से मिली नई उड़ान
आरती साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नमो ड्रोन दीदी योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
आज आरती ड्रोन के जरिए खेतों में उर्वरकों का छिड़काव कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आरती साहू की कहानी बताती है कि आधुनिक तकनीक सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। गांव की महिलाएं भी तकनीक का इस्तेमाल कर स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह बना सकती हैं।
नमो ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से आरती ने खेती और तकनीक के बीच एक मजबूत कड़ी बनाई है। उनका सफर यह संदेश देता है कि अवसर, प्रशिक्षण और मेहनत के साथ ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान भर सकती हैं।
इसे भी पढ़े…..
Most Viewed Posts
- छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग संस्थानों की मान्यता रद्द, रायपुर के 15 कॉलेज शामिल
- लेबर क्वार्टर हादसे में कंपनी मालिकों पर एफआईआर, महिला मजदूर की मौत के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- सहकारिता सप्ताह का समापन, किसानों को मिली योजनाओं की जानकारी
- ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत रायगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 49.50 लाख की चिटफंड ठगी मामले में दो फरार आरोपी गिरफ्तार
- छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रमोशन, 61 SI बने इंस्पेक्टर
- मरवाही में तेंदुए की दहशत, घर के बाहर बंधे एक महीने के बछड़े को बनाया शिकार
- पुरी जाने वाली 6 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में बदलाव, 25 अगस्त से 20 अक्टूबर तक मालतीपाटपुर से चलेंगी ट्रेनें
- डेढ़ लाख के ऋण से खीरे की खेती शुरू कर बनीं ‘लखपति दीदी’, कल्पना सिंह की कहानी बनी प्रेरणा
- छत्तीसगढ़ में मार्च 2027 तक 5 लाख घरों में लगेंगे सोलर पैनल, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर
- छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी, कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 7 दिन ऐसा रहेगा मौसम
