55 वर्षीय महिला का जटिल ऑपरेशन सफल, अब गंभीर ऑर्थोपेडिक मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार टोटल हिप रिप्लेसमेंट (कूल्हे का पूर्ण प्रत्यारोपण) की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इस सफलता के बाद अब बलरामपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को कूल्हे से जुड़ी गंभीर समस्याओं के इलाज के लिए बड़े शहरों के महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
जिला अस्पताल में ही अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक उपचार उपलब्ध होने से क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। इसे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
55 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन
यह जटिल सर्जरी झारखंड के गोदरमाना निवासी 55 वर्षीय मनीता के इलाज के दौरान की गई। बताया गया कि मनीता के बाएं पैर की फीमर की गर्दन (Neck of Left Femur) में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था।
चोट की गंभीरता को देखते हुए सामान्य उपचार से राहत मिलना मुश्किल था। इसके बाद चिकित्सकों ने मरीज के कूल्हे का पूर्ण प्रत्यारोपण करने का निर्णय लिया।
डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने मिलकर किया ऑपरेशन
ऑपरेशन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण चैतन्य और ऑर्थोपेडिशियन डॉ. श्याम धर सिंह के नेतृत्व में किया गया।
सर्जरी को सफल बनाने में पैरामेडिकल और ओटी स्टाफ के सदस्य उदय मंडल, सुनील यादव, पंकज ठाकुर, सुनीता, अनिल कपूर, प्रीति और मनोज दास का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
टीम ने जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है और फिलहाल उनकी स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।
जिला अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि
जिला अस्पताल स्तर पर पहली बार इस तरह की उन्नत और जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे उन मरीजों को विशेष लाभ मिल सकता है, जिन्हें पहले कूल्हे के गंभीर इलाज के लिए अंबिकापुर, रायपुर या झारखंड के बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था।
स्थानीय स्तर पर ऐसी सर्जरी की सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिवारों के समय और इलाज से जुड़े खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
प्रशासनिक और संस्थागत सहयोग रहा अहम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस उपलब्धि में सीएमएचओ डॉ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता और अस्पताल कंसल्टेंट इंचार्ज शशि प्रकाश गुप्ता के प्रशासनिक मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की जटिल सर्जरी की सफलता से जिला अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ाने और मरीजों को बेहतर उपचार देने का मार्ग मजबूत हुआ है।
बलरामपुर जिला अस्पताल में टोटल हिप रिप्लेसमेंट की यह पहली सफल सर्जरी जिले के लिए चिकित्सा क्षेत्र में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे स्थानीय मरीजों को उन्नत ऑर्थोपेडिक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
