ऑक्सीजोन, केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, नालंदा परिसर और पुलों का लिया जायजा; गुणवत्ता और समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

रायगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को गति देने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शुक्रवार को रायगढ़ शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का मैराथन निरीक्षण किया।
वित्त मंत्री ने शहर के विभिन्न हिस्सों में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों, इंजीनियरों और निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
ऑक्सीजोन से शुरू हुआ निरीक्षण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने निरीक्षण की शुरुआत दूध डेयरी ऑक्सीजोन से की। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट स्थित केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर और एसईसीएल रोड मरीन ड्राइव का निरीक्षण किया।
इसके अलावा कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम स्थित स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन में चल रहे कार्यों की भी जानकारी ली।
शहर की अधोसंरचना मजबूत करने पर जोर
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर और निर्माण एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं है, बल्कि ऐसी मजबूत अधोसंरचना तैयार करना है, जिससे आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव आए।
उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना की नियमित और गंभीरता से निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और निर्माण की गुणवत्ता भी बनी रहे।
औद्योगिक शहर की जरूरत के मुताबिक होगा विकास
वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक शहर है, लेकिन लंबे समय तक औद्योगिक विकास के अनुरूप शहर की अधोसंरचना उस गति से विकसित नहीं हो पाई, जिसकी जरूरत थी। इसके चलते शहर को यातायात दबाव, भारी वाहनों की आवाजाही, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए सुनियोजित तरीके से बड़े अधोसंरचनात्मक प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जा रहा है।
रिंग रोड परियोजना को बताया भविष्य के लिए महत्वपूर्ण
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ रिंग रोड को शहर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
रिंग रोड के प्रथम चरण में घरघोड़ा रोड से झारसुगुड़ा रोड को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस परियोजना पर 400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने की उम्मीद है।
बेहतर सड़क और सार्वजनिक सुविधाएं देने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि रायगढ़ को बेहतर सड़क, मजबूत पुल, हरित क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और मजबूत अधोसंरचना मिले। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ नागरिकों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
निरीक्षण के दौरान महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभागीय अधिकारी, इंजीनियर और संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
