पांच साल से अधूरा पड़ा पैरी नदी का पुल, संकरी प्लाई और लोहे की छड़ों के सहारे नदी पार कर रहे बच्चे; जनप्रतिनिधि ने दी आंदोलन की चेतावनी

गरियाबंद। जिले के मैनपुर ब्लॉक में देहरगुड़ा और खंभाथा गांव के बीच पैरी नदी पर बन रहा पुल पिछले करीब पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। बारिश के मौसम में नदी के उफान पर आने के बाद इस क्षेत्र के स्कूली बच्चों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। स्कूल जाने के लिए बच्चों को जान जोखिम में डालकर अधूरे पुल के हिस्सों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
हालात इतने खतरनाक हैं कि बच्चे करीब 20 फीट ऊंचे पुल के खंभे पर लगी लोहे की छड़ों की संकरी सीढ़ी चढ़ते हैं और इसके बाद लगभग दो फीट चौड़ी प्लाई पर संतुलन बनाकर आगे बढ़ते हैं। भारी स्कूल बैग लेकर इस रास्ते से गुजरते समय जरा सी चूक गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
पांच साल से अधूरा पड़ा है पुल
बताया जा रहा है कि इस पुल को वर्ष 2022 में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी मिली थी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी वर्षों बीत जाने के बावजूद पुल अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
अधूरे निर्माण के कारण पुल के पिलरों के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। वहीं, जगह-जगह बाहर निकली लोहे की नुकीली छड़ें भी हादसे का खतरा बढ़ा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
बच्चों की जान पर भारी पड़ रही मजबूरी
बारिश के दौरान पैरी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सामान्य रास्ते से आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों के सामने पढ़ाई और सुरक्षा के बीच मुश्किल चुनाव की स्थिति बन जाती है।
बच्चे शिक्षा हासिल करने की चाह में खतरनाक रास्ते से गुजर रहे हैं। संकरी प्लाई पर संतुलन बनाकर चलना और ऊंचाई पर लगी लोहे की छड़ों से चढ़ना उनके लिए किसी जोखिम से कम नहीं है।
विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक जनक लाल ध्रुव ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पुल का निर्माण पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सेतु विभाग ने जल्द काम पूरा करने का दावा किया
वहीं, सेतु निर्माण विभाग के इंजीनियर फगुलाल कुर्रे के अनुसार पुल का स्लैब वर्क पूरा हो चुका है और फिलहाल एप्रोच रोड का काम बाकी है। विभाग का दावा है कि एप्रोच रोड का काम अगले दो से तीन महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने बच्चों को पुल पार करने से रोका
मामले की गंभीरता को देखते हुए गरियाबंद के जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने बच्चों को इस तरह अधूरे पुल से नदी पार नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम को जानकारी देने की बात कही है।
डीईओ ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है। पानी का स्तर कम होने तक बच्चों को सुरक्षित स्थान या रिश्तेदारों के घर ठहराने की सलाह भी दी गई है।
फिलहाल देहरगुड़ा और आसपास के बच्चों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुल कब पूरा होगा और उन्हें सुरक्षित रास्ते से स्कूल जाने की सुविधा कब मिलेगी। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द अधूरे पुल का निर्माण पूरा कर बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करे।
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