धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार के जंगलों से अवैध कटाई कर दूसरे राज्यों में खपाई जा रही थी लकड़ी; फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट से कारोबार को वैध दिखाने का आरोप

रायगढ़, 4 सितंबर। जिला पुलिस और वन विभाग ने जिले के वन क्षेत्रों से खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियों की अवैध कटाई, भंडारण और अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह सिंडिकेट छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा और मध्यप्रदेश तक सक्रिय था। धरमजयगढ़, घरघोड़ा और तमनार वन परिक्षेत्र के ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर कथित तौर पर जंगलों से लकड़ी कटवाई जाती थी। इसके बाद लकड़ी को गढ़उमरिया स्थित गोदाम में जमा कर दूसरे राज्यों में अधिक कीमत पर भेजा जाता था।
फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट के जरिए लकड़ी को वैध दिखाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक आरोपी लकड़ियों की तस्करी को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) का इस्तेमाल कर रहे थे। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि जब्त लकड़ियों के परिवहन के लिए प्रस्तुत टीपी पर संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। वन विभाग को प्रथम दृष्टया दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी प्रतीत हुआ, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
मई 2025 में गोदाम पर हुई थी वन विभाग की रेड
वन विभाग को पिछले वर्ष मई में सूचना मिली थी कि जूटमिल थाना क्षेत्र के जामटीकरा (गढ़उमरिया) में स्थित एक गोदाम को रोहित मित्तल ने किराये पर लिया है। आरोप है कि आसपास के वन क्षेत्रों से खैर और तेंदू प्रजाति की लकड़ियां कटवाकर ट्रैक्टर और पिकअप के जरिए यहां अवैध रूप से जमा की जा रही थीं।
5 मई 2025 को वन विभाग की टीम ने गोदाम में छापेमारी की थी। इस दौरान ट्रक क्रमांक CG-15-DV-7577 में तेंदू प्रजाति के 42 लट्ठे लदे मिले, जिनकी मात्रा 1.731 घन मीटर बताई गई। इसके अलावा गोदाम से तेंदू और खैर प्रजाति के 146 लट्ठे, करीब 6.741 घन मीटर लकड़ी, 9 चट्टा जलाऊ लकड़ी, एक कटर मशीन, एक वजन मशीन, दो कुल्हाड़ी और एक हथौड़ा जब्त किया गया था।
रेड के दौरान रोहित मित्तल और उसके साथी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस ने जांच के लिए बनाई विशेष टीम
वन विभाग की ओर से मामले में विस्तृत जांच के लिए आवेदन दिए जाने के बाद जूटमिल थाना में अपराध क्रमांक 490/2026 दर्ज किया गया। मामले में BNS की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपियों की भूमिका और कथित सिंडिकेट के नेटवर्क की जांच की।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार जांच में रोहित मित्तल की भूमिका गोदाम किराये पर लेने और लकड़ियों के कथित अवैध कारोबार से जुड़ी सामने आई। उसके साथ मनीष अग्रवाल के बिजनेस पार्टनर के रूप में जुड़े होने तथा ट्रांसपोर्टिंग के जरिए लकड़ियों को दूसरे राज्यों में भेजे जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने छापेमारी कर रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। वहीं भरत कुमार मेश्राम फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
- रोहित मित्तल, पिता सुभाष मित्तल, निवासी अग्रसेन कॉलोनी, विकास नगर, कोतरा रोड, रायगढ़
- मनीष अग्रवाल, पिता राधेश्याम अग्रवाल, निवासी मुड़पार, बलौदाबाजार
- सलाउद्दीन खान, पिता इलाउद्दीन खान, निवासी सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़
गोदाम से जब्त सामान
- ट्रक CG-15-DV-7577 में लदे तेंदू के 42 लट्ठे — 1.731 घन मीटर
- तेंदू एवं खैर के 146 लट्ठे — 6.741 घन मीटर
- जलाऊ लकड़ी — 9 चट्टा
- 1 वजन मशीन
- 2 कुल्हाड़ी
- 1 हथौड़ा
- 1 कटर मशीन
पुलिस और वन विभाग के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है। फरार आरोपी भरत कुमार मेश्राम की तलाश के साथ ही कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लकड़ी की सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
