ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई, पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी और बलवा समेत गंभीर मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी

रायगढ़, 06 सितंबर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत तमनार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने CHP चौक लिबरा हिंसा मामले में 5 और आरोपियों की पहचान स्थापित कर उन्हें गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा और एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन
पुलिस के मुताबिक गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने तथा कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील की जा रही थी।
27 दिसंबर को हिंसक हुआ था आंदोलन
पुलिस के अनुसार 27 दिसंबर 2025 को कानून व्यवस्था ड्यूटी के दौरान आंदोलन अचानक उग्र हो गया। आरोप है कि आंदोलनकारियों के एक समूह ने पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला किया। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
इसी दौरान पुलिस के शासकीय वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन लूटे जाने की भी बात पुलिस ने कही है। उग्र भीड़ द्वारा पुलिस दल को घेरकर पथराव किया गया। सड़क किनारे खड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ के बाद आग लगाए जाने तथा प्लांट परिसर में भी तोड़फोड़ किए जाने का आरोप है।
CCTV फुटेज और जांच के आधार पर कार्रवाई
तमनार थाने में अपराध क्रमांक 307/2025 और 308/2025 दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर जले वाहनों का नुकसानी पंचनामा तैयार किया था और घटना से संबंधित CCTV फुटेज भी प्राप्त किया गया।
जांच के दौरान 14 जुलाई 2026 को मामले में एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5)(क) भी जोड़ी गई। इससे पहले पुलिस ने आरोपी राजेश मरकाम, अनिल बेहरा और शिवशंकर प्रधान उर्फ शंकर गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था।
5 आरोपियों को 5 सितंबर को किया गया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मामले की जांच में कमलेश सेठ, अम्बिका चौधरी, सुनाउ सिदार, तपस्विनी प्रधान और भगवति सिदार की घटना में कथित संलिप्तता की पुष्टि हुई। पूछताछ के बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए पांचों को 5 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- कमलेश सेठ, पिता गौरांग सेठ, उम्र 26 वर्ष, निवासी बिजना, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
- अम्बिका चौधरी, पति गणपति चौधरी, उम्र 55 वर्ष, निवासी आमगांव, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
- सुनाउ सिदार, पिता पिलाराम सिदार, उम्र 62 वर्ष, निवासी लिबरा, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
- तपस्विनी प्रधान, पति लिंगराज प्रधान, उम्र 35 वर्ष, निवासी झरना, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
- भगवति सिदार, पति स्व. भजन सिदार, उम्र 47 वर्ष, निवासी धौराभाठा, थाना तमनार, जिला रायगढ़।
पुलिस अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव और थाना स्टाफ की आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रायगढ़ पुलिस के अनुसार गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन क्लीन हंट आगे भी जारी रहेगा। पुलिस ने कहा है कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली हिंसक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे आरोपियों की लगातार पतासाजी कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जा रहा है और अपराधियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।





