चार साल बाद मिली पीड़िता, पॉक्सो मामले की न्यायिक कार्रवाई को मिली गति
🔴 लगभग 4 वर्षों से लापता नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को रायगढ़ से किया गया बरामद
🔴 विशेष पुलिस टीम ने परिजनों, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर की लगातार पतासाजी
🔴 10 अगस्त को बरामदगी, 11 अगस्त को न्यायालय के समक्ष कराई गई उपस्थिति
🔴 पॉक्सो मामले में पीड़िता की गवाही से आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया
🔴 एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर घरघोड़ा पुलिस की कार्रवाई
रायगढ़, 12 अगस्त। नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाने के प्रति रायगढ़ पुलिस की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने लगभग चार वर्षों से लापता दुष्कर्म पीड़िता को रायगढ़ से बरामद कर लिया। पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को पीड़िता को बरामद करने के बाद 11 अगस्त को उसकी माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराई।

पॉक्सो मामले की कार्रवाई के दौरान लापता हुई थी पीड़िता
मामला विशेष न्यायाधीश, एफटीएससी (पॉक्सो) न्यायालय घरघोड़ा के समक्ष विचाराधीन विशेष पॉक्सो प्रकरण क्रमांक 57/2021 से संबंधित है। थाना घरघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 232/2021 में धारा 363, 366, 376 भारतीय दंड संहिता तथा धारा 4 और 6 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मामले की सुनवाई शीघ्र शुरू की गई थी और न्यायालय में साक्षियों के बयान दर्ज किए जा रहे थे। इसी दौरान वर्ष 2022 में पीड़िता के लापता होने की जानकारी सामने आई। न्यायालय की ओर से लगातार समंस जारी होने के बावजूद पीड़िता के नहीं मिलने से मामले की न्यायिक कार्यवाही प्रभावित हो रही थी।
विशेष पुलिस टीम ने शुरू किया तलाश अभियान
पीड़िता को न्यायालय के समक्ष पेश कराने के लिए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने पीड़िता के परिजनों, सहेलियों और रिश्तेदारों से पूछताछ की। इसके बावजूद कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने रायगढ़ जिले के साथ-साथ अन्य जिलों में भी संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की।
फैक्ट्री और कोयला खदान क्षेत्रों में भी तलाश
पुलिस टीम ने पीड़िता की तलाश के लिए व्यवसायिक क्षेत्रों, फैक्ट्री क्षेत्रों, कोयला खदान क्षेत्रों और स्लम इलाकों में भी लगातार पतासाजी की। विभिन्न माध्यमों से जुटाई गई जानकारी और लगातार किए गए प्रयासों के बाद आखिरकार 10 अगस्त 2026 को पीड़िता को रायगढ़ से बरामद कर लिया गया।
इसके बाद 11 अगस्त को पीड़िता की माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई।
न्यायिक प्रक्रिया को मिलेगी मजबूती
लगभग चार वर्षों से लापता पीड़िता की बरामदगी और न्यायालय में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित होने से विचाराधीन पॉक्सो प्रकरण की सुनवाई को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। पुलिस के अनुसार, इससे दोषी को कानून के अनुसार सजा दिलाने की न्यायिक प्रक्रिया को भी मजबूती मिलेगी।
पीड़िता की पतासाजी और न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने में थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू, आरक्षक दिनेश सिदार, आरक्षक प्रदीप तिग्गा और आरक्षक हरीश पटेल की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी ने कहा- पीड़ितों को न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नाबालिग पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि कोई पीड़ित वर्षों से लापता हो, तब भी उसकी तलाश के प्रयास नहीं रुकेंगे। प्रत्येक पीड़ित को न्याय की प्रक्रिया से जोड़ने और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने के लिए पुलिस पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
