बांदा तहसील के कई गांवों में शराब पीने के बाद बिगड़ी ग्रामीणों की तबीयत, 25 से ज्यादा गंभीर मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल रेफर

सागर। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल के सागर जिले की बांदा तहसील के कई गांवों में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है। वहीं दर्जनों लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मरीजों में दिखाई दे रहे लक्षणों के आधार पर मिथाइल अल्कोहल (मेथैनॉल) प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शनिवार शाम से बिगड़ने लगी थी ग्रामीणों की तबीयत
बताया जा रहा है कि बांदा तहसील के नौराज, घूघरा खुर्द, बराझ और बमुरा भेड़ा गांवों में शनिवार शाम शराब पीने के बाद कुछ ग्रामीणों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। इसके बाद रविवार सुबह अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई।
तीन से चार गांवों से करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों को आनन-फानन में बांदा सिविल अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद इनमें से 25 से अधिक गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और सागर जिला अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों को मेथैनॉल प्वाइजनिंग की आशंका
सागर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेश पटेरिया ने 9 मौतों की पुष्टि की है। उनके अनुसार, पहला गंभीर मरीज शनिवार शाम बांदा अस्पताल पहुंचा था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। इसके बाद रविवार सुबह अचानक गंभीर मरीजों और मौतों की संख्या बढ़ने लगी।
सीएमएचओ के मुताबिक, मरीजों के लक्षणों को देखते हुए प्राथमिक तौर पर मिथाइल अल्कोहल विषाक्तता की आशंका है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मौतों के सटीक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रभावित गांवों में घर-घर स्क्रीनिंग
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की तीन विशेष टीमें प्रभावित गांवों में कैंप कर रही हैं। मेडिकल और प्रशासनिक टीमें घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही हैं, जिन्होंने पिछले 24 से 48 घंटे के दौरान शराब का सेवन किया है।
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति ने संदिग्ध शराब का सेवन किया है और उसकी तबीयत खराब हो रही है, तो वह बिना किसी डर के तत्काल मेडिकल टीम से संपर्क करे।
शराब के नमूने जांच के लिए भेजे गए
घटना के बाद आबकारी और पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। प्रभावित क्षेत्र के आसपास की कुछ शराब दुकानों को एहतियातन सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। संदिग्ध शराब के नमूने जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रामीणों तक पहुंची शराब कहां से आई और क्या इसमें मिलावट की गई थी। जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और शराब के स्रोत का पता चल सकेगा।
