छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन के आह्वान पर खेलभाठा मैदान में जुटे कोटवार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

सारंगढ़-बिलाईगढ़। पटवारियों के बाद अब जिले के कोटवारों ने भी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन के आह्वान पर सारंगढ़ के खेलभाठा मैदान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें जिले के लगभग 300 कोटवार शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद कोटवारों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम जिला तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी चार प्रमुख मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
कोटवारों का कहना है कि वे लंबे समय से शासन और आम जनता की सेवा करते आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा और पर्याप्त पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है।
पहली मांग: नियमितीकरण और राजस्व विभाग में संविलियन
कोटवारों की प्रमुख मांग है कि उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा देते हुए राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए। उनका कहना है कि पीढ़ी दर पीढ़ी सेवा करने के बाद भी उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं।
एसोसिएशन के अनुसार, नियमितीकरण नहीं होने के कारण कोटवारों को बीमा, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। संगठन ने शासन से उनकी सेवा और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
मासिक पारिश्रमिक 15 हजार रुपये करने की मांग
कोटवारों ने महंगाई के अनुपात में अपने पारिश्रमिक में वृद्धि करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि वर्तमान में कोटवारों को चार वर्गों में बांटकर पारिश्रमिक दिया जाता है। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर सभी को एक ही वर्ग में रखने और कम से कम 15,000 रुपये मासिक पारिश्रमिक देने की मांग की है।
नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग
एसोसिएशन ने कोटवारों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी आपत्ति जताई है। संगठन की मांग है कि कोटवार पद पर नियुक्ति के दौरान गैर-वंशज सदस्यों को नियुक्त करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और कोटवार परिवार के सदस्यों को ही इस पद पर नियुक्त किया जाए।
नगरीय क्षेत्रों में नियुक्ति पर प्रतिबंध हटाने की मांग
कोटवारों की चौथी मांग नगर पालिका और निगम क्षेत्रों में नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने से संबंधित है। संगठन ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में भी कोटवारों की नियुक्ति की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि इस व्यवस्था से जुड़े परिवारों के हितों की रक्षा हो सके।
ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की अपील
एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बाद कोटवारों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। अब एसोसिएशन को अपनी मांगों पर राज्य सरकार के निर्णय का इंतजार है। संगठन की मांग है कि कोटवारों की समस्याओं का समाधान करते हुए नियमितीकरण, पारिश्रमिक वृद्धि और नियुक्ति संबंधी मुद्दों पर जल्द फैसला लिया जाए।
महासमुंद में NH-53 पर भीषण हादसा, कार ट्रक से टकराई; दो महिलाओं की मौत, तीन घायल
सारंगढ़-बिलाईगढ़ एक नज़र
- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों की बैठक, मतदान केंद्रों के युक्तियुक्तकरण पर चर्चा

- सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्वी वनांचल को बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री की 5 घोषणाओं को मंजूरी; 6.41 करोड़ से होंगे विकास कार्य

- सारंगढ़-बिलाईगढ़: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से पिता को मिली राहत, बेटी का जन्म प्रमाण पत्र बनकर हुआ तैयार

- रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 30 अक्टूबर को रोजगार मेला, निजी कंपनियों में नौकरी पाने का मौका

- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 300 कोटवारों का धरना-प्रदर्शन, नियमितीकरण और 15 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक की मांग

- सारंगढ़ में 200 साल पुरानी गढ़ विच्छेदन परंपरा का भव्य आयोजन, चार बार गिरने के बाद चांद कुमार देवार ने हासिल की जीत

- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अवैध खनन पर कार्रवाई, 12 वाहन और मशीनें पकड़ी गईं

- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पशु क्रूरता पर सख्ती के निर्देश, निराश्रित मवेशियों के प्रबंधन और उपचार पर जोर

- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आश्रम-छात्रावासों पर कलेक्टर सख्त, बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा में लापरवाही पर चेतावनी

- सारंगढ़ में दिव्यांगजन शिविर: 281 लोगों ने लिया लाभ, दो दंपतियों को मिले 50-50 हजार रुपये

- सारंगढ़ जिला अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में बड़ी उपलब्धि | चार माह में 86,975 जांचें निःशुल्क

- बैगिनडीह में झारा आर्ट को मिला नया ठिकाना | 8 लाख की लागत से सामान्य सुविधा केंद्र का लोकार्पण

